बदले मौसम के साथ ही नत्थाटाप का नजारा भी बिल्कुल बदल गया है। हसीन वादी पर्यटकों के गुलजार हो गए हैं। सोमवार को गुनगुनी धूप पर सैलानियों ने जमकर मस्ती की। इस सीजन में शिद्दत के बाद मौसम पिछले तीन दिनों तक मेहरबान रहा। लगातार बर्फबारी और बारिश हुई।
इससे मौसम में अचानक बदलाव आ गया। पहाड़ों की चोटियां बर्फ की चादर से लकदक हो गईं। इस पर सोमवार को जब आसमान साफ हुआ और खुल कर सूर्य की रोशनी पहाड़ों पर पड़ी तो वादियां जैसे चांदी के बर्क से ढंकी हो। पर्यटक बरबर नत्थाटाप की ओर खिंच गए। सोमवार को नत्थाटाप की तरफ वाहनों का जैसे काफिला जा रहा था।
वहां बर्फ से साथ खूब अठखेलियां की गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे यहां सैलानियों की संख्या बढ़ती चली गई। स्थानीय पर्यटकों के अलावा वैष्णो माता का दर्शन करने के लिए आए श्रद्धालु भी यहां पहुंचने लगे।
पत्नीटाप तक आए लोग भी नत्थाटाप का रुख कर गए। बर्फ के गोले बनाकर दिन भर लोग खेलते दिखे। कहीं हिममानव बनाकर यादगार चित्र खिंचवा रहे थे। गौरतलब है कि नत्थाटाप की चोटियों पर इस बार करीब आधा दर्जन बार बर्फ गिर चुकी हैं, लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बहुत कम बर्फ गिरी। इससे यहां के व्यवसायियों के चेहरे मुर्झाए रहे।
गौर रहे कि इस बार पिछले साल की तुलना में बहुत कम बर्फबारी हुई। पूरे सीजन पर्यटकों और सैलानियों की आसमान की तरफ टकटकी लगी रही। लेकिन आखिरी समय में थोड़ी बर्फबरी ने लोगों को कुछ सुकून दिया।