लगातार दो दिन कठुआ और सांबा क्षेत्र में हुए आतंकी हमले का सीधा प्रभाव वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर देखने को मिलने लगा है।
जहां वर्ष 2014 के प्रथम चैत्र नवरात्र पर 25908 भक्तों ने दर्शन किए थे, वहीं इस बार पहले नवरात्र पर देर शाम तक 17 हजार भक्तों का ही पंजीकरण हुआ था। जबकि कक्ष के बंद होने को एक घंटा ही शेष था।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार इस बार प्रथम नवरात्र पर शनिवार देर शाम नौ बजे के करीब 17 हजार यात्रियों ने भवन की ओर प्रस्थान किया था। इससे पहले शुक्रवार को 16 हजार के करीब भक्तों ने भवन में माथा टेका था।
विशेषज्ञों के अनुसार हाल ही में जम्मू संभाग में हुए दो आतंकी हमलों के कारण आने वाले नवरात्र में यात्रियों की संख्या में और अधिक गिरावट हो सकती है।
गौरतलब है कि लंबे समय से व्यवसाय में मंदी के चलते व्यापारी नवरात्र के इंतजार में थे। जबकि यात्रा में इस गिरावट से निराशा हुई है। यात्रा में इस गिरावट से राज्य के पर्यटन उद्योग को भी सीधे तौर पर क्षति पहुंची है।
ट्रेवल एजेंट राजकुमार पाधा, अमित शर्मा, आशु समोत्रा का कहना था कि दर्शनों के उपरांत कई यात्री आसपास के पर्यटक स्थलों का रुख करते हैं, लेकिन हाल ही में हुए दो आतंकी हमलों के बाद अधिकतर यात्री वापसी का रुख करने को ही अहमियत दे रहे हैं।
इससे अन्य पर्यटक स्थलों पर भी आने वाले दिनों में प्रभाव रहेगा। गौरतलब है कि वर्ष 2014 के चैत्र नवरात्र में 2 लाख 25 हजार भक्तों ने भवन में माथा टेका था। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार यह संख्या दो लाख का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।