रामनगर में आए दिन हो रही हत्याओं और चोरियों के मामलों का खुलासा नहीं करने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण रविवार को पुलिस के खिलाफ पैंथर्स पार्टी का गुस्सा भड़क उठा। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रामनगर-उधमपुर मार्ग पर जाम लगाकर रामनगर पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की।
बड़ी संख्या में पैंथर्स पार्टी के सदस्य पार्टी के चेयरमैन तथा पूर्व शिक्षा मंत्री हर्ष देव सिंह की अध्यक्षता में रानी पार्क में इकट्ठे हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में सभी नारेबाजी करते हुए रामनगर-उधमपुर मार्ग पर पहुंच कर यातायात ठप करवा दिया और रामनगर पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
देखते ही देखते मार्ग के दोनों तरफ गाड़ियों की लंवी कतार लग गई। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर एसडीपीओ अभिषेक शर्मा, थाना प्रभारी अजहर रशीद, नायब तहसीलदार मो. आरिफ टाक भी पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी लगातार नारे लगा रहे थे कि दोषियों को पकड़ कर जेल भेजो। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री हर्ष देव सिंह ने कहा कि रामनगर तहसील में एक साल के अंदर छह शव मिली। इनमें चार एससी वर्ग के व्यक्ति के थे। उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस ने किसी को भी हिरासत में नहीं लिया है और न ही कोई कार्रवाई की है।
पार्टी के तहसील प्रधान देव सिंह और पवन देव सिंह ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करने से कतराती है। उन्होंने कहा कि रवि (26) निवासी सिंयुटी का शव 25 फरवरी 2015 को विदंरावन नाले से मिला था। सोम राज महाशा निवासी वार्ड न. 9 का शव रामनगर से शव मिला था। संजय कुमार निवासी किरमू का उदक नाले से 24 जनवरी को शव मिला था।
वहीं कुछ दिन पहले शंकर दास निवासी प्याला की लाश पेड़ से लटका मिला था। रमेश निवासी केला का शव सत्संग धाम रामनगर से मिला था। कुलदीप सिंह निवासी मार्ता का शव भी बरामद किया गया था। मगर किसी भी मामले का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। पैंथर्स पार्टी यह बर्दाश्त नहीं करेगी।
वहीं महाशा सदर सभा के प्रधान देस राज का कहना था कि अनुसूचित जातियों पर लगातार जुर्म बढ़ रहे हैं। उन्होंने चार दलित लोगों कि हत्या की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। किरमू के सरपंच मो. फारुख ने भी हत्याओं के लिए दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।
वहीं एसडीपीओ अभिषेक शर्मा ने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर संजय सिंह, पुष्पिंदर सिंह, शिव कुमार शर्मा, विशन दास सरपंच, विश्वानाथ सहित बड़ी संख्या में पैंथर्स कार्यकर्ता मौजूद थे।