- बैठक के दौरान लोगों ने डॉक्टरों के खाली पदों को तत्काल जल्द भरने की उठाई मांग
- कहा-1987 में खुला अस्पताल तब 30 बेड थे, आज 38 साल बाद भी उतने ही बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अब्दुल हमीद जरगर ने शनिवार देर शाम को उपजिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके साथ विधायक डॉ. सुनील भारद्वाज भी मौजूद थे।उन्होंने कस्बे के लोगों के साथ बैठक भी की। इस दौरान लोगों ने अस्पताल में खाली पड़े डॉक्टरों के पद तत्काल भरने की मांग उठाई।
बैठक के दौरान पिंगला माता अखंड ज्योत कमेटी के संयोजक विनय जंडियाल ने अस्पताल में समस्याओं के बारे में निदेशक को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1987 में इस अस्पताल को उपजिला अस्पताल का दर्जा मिला। तब यह अस्पताल 30 बेड का था। 2025 में लगभग 38 साल बाद भी यह अस्पताल तीस बेड का ही है। तब से अब तक कस्बे में काफी आबादी बढ़ चुकी है लेकिन इसका दर्जा बढ़ाने के लिए अब तक कोई भी प्रयास नहीं किया गया।
उनका कहना था कि इस अस्पताल पर लगभग एक लाख से अधिक आबादी निर्भर करती है इसलिए इसे कम से कम 100 बेड का अस्पताल बनाया जाना चाहिए। अस्पताल में स्टाफ भी ना के बराबर है। डॉक्टर के कई पद खाली पड़े हैं। बाल विशेषज्ञ का पद एक वर्ष से रिक्त है। अभी तक उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिन पहले एक आदेश जारी किया था जिसमें डॉ. अलोक रैना को हफ्ते में दो दिन यहां मरीज देखने को कहा गया था लेकिन डॉक्टर ने अपना पद ही नहीं संभाला।
अस्पताल में डेंटल सर्जन तक भी नियुक्त नहीं किया गया है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की बहुत कमी है। उन्होंने मांग की जल्द से जल्द जहां पर डॉक्टर की नियुक्ति की जाए ताकि लोगों को बेहतर उपचार मिल सके। उनका कहना था कि रामनगर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की नई मशीन लगाई जाए। बैठक में स्वास्थ्य निदेशक और विधायक ने आश्वासन दिया जल्द ही इन मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में नंद मोह,काका राही, भाजपा मंडल प्रधान शौंकू खारका अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
भाजपा नेता और बीएमओ के बीच तीखी नोकझोंक
लोगों के साथ बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अब्दुल हमीद जरगर की मौजूदगी में भाजपा नेता राजिंदर शर्मा तथा ब्लॉक मेडिकल अधिकारी (बीएमओ) हरविंदर सिंह के बीच अस्पताल में व्याप्त समस्याओं को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। भाजपा नेता का कहना था कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। बेडशीट तक नहीं बदली जातीं। इस पर बीएमओ ने कहा दिया कि अस्पताल में सफाई कर्मी रखना उनका काम नहीं है, यह सरकार का काम है।