दीनदयाल नगर में भारत माता मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया गया l श्रोत स्वयं
रामबन। डाक बंगला में सावलकोट जलविद्युत परियोजना से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और अधिकारों की रक्षा करने के लिए रविवार को सार्वजनिक बैठक हुई। परियोजना पर अधिकार जताते हुए सावलकोट संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन किया गया। सर्वसम्मति से फिरोज खान को अध्यक्ष जबकि मुजफ्फर लोन को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया।
स्थानीय निवासियों, युवाओं और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने उन रिपोर्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की जिनमें परियोजना से जुड़े लाभ को स्थानांतरित करने की बात कही गई है। लोगों ने निर्णय लिया कि ऐसे किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा और जिले के लोग अधिकारों को कमजोर करने वाले फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे। परियोजना तक सड़क संपर्क और पहुंच रामबन के माध्यम से ही बनी रहनी चाहिए।
बैठक के दौरान 13 अप्रैल की आधिकारिक पत्राचार का भी उल्लेख किया गया जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हरियाणा के निवर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को प्रस्ताव अग्रेषित किया था। यह प्रस्ताव उधमपुर (पश्चिम) के विधायक पवन कुमार गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया था जिसमें परियोजना तक हर मौसम में सड़क संपर्क रामबन के बजाय उधमपुर से बनाने का सुझाव दिया था जिसका लोगों ने कड़ा विरोध जताया। संयुक्त कार्रवाई समिति ने घोषणा की कि एक मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे की रणनीति बताई जाएगी।