अपनी मांगों के समर्थन में आरईटी शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के स्क्रीनिंग के आदेशों को वापस लेने की मांग की। शिक्षकों ने सालों से लंबित मांगों को भी जल्द पूरा काने को कहा।
रविवार को रहबर-ए-तालीम फोरम के रियासती प्रधान विनोद शर्मा की अध्यक्षता में कृष्णा पैलेस में एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विनोद शर्मा ने शिक्षा विभाग पर आरोेप लगाए।
विनोद ने सर्व शिक्षा अभियान के के निदेशक पर वेतन आवंटन में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि कुछ जिलों में शिक्षकों का वेतन ज्यादा दिया जा रहा है तो कुछ जिलों में शिक्षक वेतन को तरस रहे हैं।
टीचर्स को बेवजह नीचा दिखाए जाने के लिए शिक्षा विभाग गलत नीतियां अपना रहा है। आए दिन उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एसएसए योजना के तहत कार्यरत अध्यापकाें को पिछले सात महीने से वेतन नहीं दिया गया है।
पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके टीचरों को स्थायी नहीं किया गया है। ढाई साल से सैकड़ों ऐसे शिक्षक हैं, जिन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा। एसआरओ-396 की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
साथ ही मिड-डे-मील का भुगतान भी दो साल से नहीं हुआ है। इस वजह से पढे़-लिखे नौजवान युवाओं को बेरोजगार रहना पड़ रहा है। केजीबीवी के तहत लगाए शिक्षकों को काफी लंबे समय से पक्का नहीं किया गया है।
टीचरों को समय पर सुविधाएं नहीं मिलने पर शिक्षकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। इस मौके पर सुकेश खजूरियां, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, शाम शर्मा, सुखदेव सिंह, विपिन, विनय, सुरजीत सिंह, कुलदीप कटोच, अनिल शर्मा, मुस्तफा, रवींद्र सिंह, शाम वर्मा, वंदना, रेखा देवी, सुषमा, सुदेश, यश पाल, राकेश आदि उपस्थित रहे।