चिनैनी। जम्मू संभाग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप की कुदरती खूबसूरती का कोई सानी नहीं। सर्दी के मौसम में कुदरत इस पर्यटन स्थल को बर्फ से लकदक कर सैलानियों को अपनी और खींचने को मजबूर कर देती है। बर्फ से लदे देवदार भी आकर्षित करते हैं। इन दिनों पटनीटॉप की वादियां बर्फ सेे लद चुकी हैं, लेकिन कोरोना की बंदिशें भी आड़े आ रही हैं, जिससे पटनीटॉप के कामकाज पर इसका असर दिख रहा है। पटनीटॉप में जहां कोरोना की पाबंदियां लगाई गई हैं, वहीं दूसरी और ताजा बर्फबारी भी सैलानियों को अपनी और बुला रही है। पटनीटॉप के कारोबारियों के अनुसार इस हिल स्टेशन पर भारी हिमपात हुआ है और कामकाज के लिए भी यही दिन हैं, लेकिन कोरोना पाबंदियां भी आड़े आ रही हैं।
पटनीटॉप टैक्सी यूनियन के प्रधान प्रकाश चंद ने कहा कि पर्यटन स्थल में कोरोना की गाइडलाइन में थोड़े बदलाव की जरूरत है। इस सीजन में कई सैलानी बर्फबारी की आस में पटनीटॉप का रुख करते हैं, लेकिन कोरोना की पांबदियां उन्हें जहां आने से रोक रही हैं।
फोटोग्राफर यूनियन के प्रधान सुभाष चंद्र ने कहा कि पटनीटॉप में सैलानी आ रहे हैं, लेकिन कोरोना की वजह से कई दिक्कतें भी उन्हें झेलनी पड़ रही है, यहां बर्फबारी को देखने के लिए सैलानियों का तांता लगता है, लेकिन महामारी के बीच कई तरह की पाबंदियां इसके आड़े आ रही हैं।
होटल मैनेजर राजेश ठाकूर, सुभाष चंद्र, एसके बडियाल ने कहा कि बर्फबारी से पटनीटॉप लकदक है, जिसे हर कोई देखना चाहता है, लेकिन पाबंदियों की वजह से सैलानी नहीं आ पा रहे। बर्फबारी के बीच इस माह कामकाज अच्छा होता है, लेकिन इस पर कोरोना का काफी असर पड़ा है। सरकार को पटनीटॉप की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि सैलानियों की आवाजाही जारी रहे और कारोबारियों का कामकाज चलता रहे।