वाटर वर्कर्स पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन ने 22 महीने से रुके दैनिक भत्ते को जारी करने के लिए आवाज बुलंद की है।
कर्मचरियों ने बैठक करके 70 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने और दस साल काम कर चुके दिहाड़ीदारों को नियमित करने की नीति को बदलकर आरईटी टीचरों की तरह ही पांच साल में नियमित करने की नीति तैयार करने की भी मांग की है।
बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सोमनाथ ने कहा कि दिहाड़ीदारों को नियमित करने की नीति में बदलाव लाया जाए।
पिछले दो वर्षों से इन दिहाड़ीदारों को भत्ता नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों से मजाक किया जा रहा है। विभाग में स्टाफ की भी कमी है। चार-पांच लोगों का काम एक कर्मचारी कर रहा है।
काम का लोड दिन ब दिन बढ़ रहा है। कर्मचारी रिटायर्ड हो रहे हैं और नई वाटर स्कीमों को लागू किया जा रहा है। ऐसे भी कर्मचारी हैं जिनका पद उनके काम के हिसाब से नहीं हैं।
काम से हिसाब से पद जारी किए जाने की भी मांग की गई। उन्होंने न्यूनतम भत्ता एक्ट को लागू करने की भी मांग की और कहा दिहाड़ीदारों का न्यूनतम वेतन 150 रुपये से बढ़ाकर 300 सौ रुपये किए जाएं।
सरकारी कर्मचारियों को 17 फीसदी मंहगाई भत्ता और स्पष्ट नीति लागू करने की भी मांग की। इस दौरान रतन सिंह, विजय कुमार शर्मा, मखन चंद आदि लोग मौजूद रहे।