11 मई को एचआरटीसी कर्मचारी गेट मीटिंग कर कार्यालय के प्रांगण में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पीएचई विभाग के अस्थायी कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को एमएच चौक पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। बाद में राज्य की गठबंधन सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाल कर नारेबाजी भी की। सुबह ग्यारह बजे के करीब विभिन्न जगहों से आए पीएचई विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने बकाया वेतन जारी करने और वर्ष 1996 से काम कर रहे कर्मियों को स्थायी करने के लिए ठोस रणनीति बनाने की मांग पर प्रदर्शन किया। उसके बाद सभी राजमार्ग को जामकर सरकार के विरोध में आवाज बुलंद करने लगे।
लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली जो एमएच चौक, टाउन हाल मार्ग, गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, रामनगर चौक, कोर्ट रोड, सलाथिया चौक, धार रोड से होते हुए जिला मुख्यालय के बाहर पहुंची। वहां पर फिर से प्रदर्शनकारियों ने धार रोड को जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। फिर बाद में लंबित मांगों का ज्ञापन डीसी को सौंपा।
एसोसिएशन के जम्मू संभाग के प्रधान तनवीर हुसैन ने बताया की राज्य सरकार पीएचई अस्थायी कर्मियों के साथ भेदभाव की नीति अपना रही हैं। जब भी अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जाता हैं। सरकारी की ओर से केवल आश्वासन ही दिया गया है, जिसके चलते पीचएई कर्मियों को एक बड़ा आंदोलन करना पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य की गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार अस्थायी कर्मियों को बकाया वेतन देने और उन्हें स्थायी करने में विफल साबित हो रही हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की ओर से भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।