रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने मिनी स्टेडियम में जिला प्रशासन एवं नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के अनुसार उनकी रेहड़ियों का लाइसेंस पिछले एक साल से रिन्यू नहीं हुआ है। इसे जल्द रिन्यू किए जाने मांग की।
मिनी स्टेडियम में नगर के सभी रेहड़ी-फड़ी वालों के अध्यक्ष यशपाल गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक की। बैठक के दौरान रेहड़ी वालों को तंग करने और स्थायी जगह अलाट करने की मांग की गई।
बैठक में सभी ने मुद्दा उठाया कि उनकी रेहड़ियों के लाइसेंस एक साल से रिन्यू नहीं हुए हैं। उनके लाइसेंस रिन्यू नहीं होने के कारण पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियां अक्सर उन्हें तंग करती हैं।
उनका चालान काटा जाता है और गरीब रेहड़ी वालों की कमाई चली जाती है। नगर परिषद से कई बार मुलाकात की गई, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। रेहड़ी वाले चक्कर काटकर वापस लौट आते हैं।
इस प्रक्रिया के कारण उन्हें अपनी रेहड़ी को छोड़कर दिहाड़ी भी तोड़नी पड़ती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगर में केवल उन्हीं रेहड़ियों को लगने दिया जाए, जिनके पास लाइसेंस हों।
उनके एक साल से लंबित लाइसेंस रिन्यू के मामले को निपटाया जाए। रेहड़ी वालों के लिए स्थायी जगह दी जाए, उन्हें तंग नहीं किया जाए।