शहर के बट्टलवालिया रोड पर स्थित शंकर नगर मोहल्ले की खस्ताहाल गलियां उसकी पहचान बन गई हैं। यहां की दूसरी सबसे बड़ी समस्या पानी की किल्लत है।
स्थानीय निवासियों ने कई बार नगर परिषद और पीएचई विभाग को इन समस्याओं के बारे में जानकारी दी, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
अश्वनी कुमार, मुन्ना, विजय, मुनीर आदि ने बताया कि उनके मोहल्ले में लंबे समय से गलियों की हालत खस्ता है। अब गलियां इतनी खराब हो चुकी हैं कि इन पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
गली की हालत न सुधरने के कारण वाहन चालकों को अपने वाहन घरों तक पहुंचाने में हर रोज परेशानी होती है। मोहल्ले में पानी की समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है। लोगों को सप्ताह में तीन या चार दिन ही पानी की सप्लाई मिल रही है। पानी के लिए लोगों को बावलियों पर जाना पड़ रहा है।
मोहल्ला शहर के बीच होने के बावजूद उनको नियमित तरीके से पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। गलियों की मरम्मत की मांग को कई बार नगर परिषद के अधिकारियों के सामने रखा है। लेकिन नगर परिषद ने इसको लेकर किसी तरह के प्रयास नहीं किए हैं।
वहीं पानी की किल्लत की समस्या को पीएचई अधिकारियों के सामने रखा है, जहां से हर बार केवल झूठे आश्वासन ही हासिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले के बीच से ही बट्टलवालिया रोड गुजर रही है।
सड़क पर अक्सर वाहन तेज गति में चलते हैं। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनकी मांग है कि बट्टलवालिया रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, जिससे की लोग बिना किसी परेशानी के सड़क पर चल सकें।