पौनी। सीपीआईएम के नेता ओम प्रकाश वाशी के नेतृत्व में मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जन आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली भांबला से शुरू होकर पौनी तक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
ओम प्रकाश वाशी ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू कर रही है, जिससे मजदूर वर्ग के अधिकार कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा को मजबूत करने के बजाय सरकार ने इसकी मूल अवधारणा को कमजोर करने का काम किया है। मनरेगा के तहत काम मांगने पर रोजगार देना केंद्र सरकार की कानूनी जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के लिए भी नुकसानदायक हैं। बीज बिल के जरिए बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों और खेत मजदूरों के हित प्रभावित होंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र में सब्सिडी कम होने से किसानों की लागत बढ़ रही है, जबकि फसलों की खरीद की कोई ठोस गारंटी नहीं है। किसानों द्वारा लंबे समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
वाशी ने नए बिजली विधेयक की भी आलोचना करते हुए कहा कि इससे बिजली वितरण का कार्य धीरे-धीरे निजी कंपनियों के हाथों में चला जाएगा। निजी कंपनियां केवल उन क्षेत्रों में काम करेंगी जहां अधिक मुनाफा होगा, जबकि गांव और गरीब क्षेत्रों की जिम्मेदारी सरकारी कंपनियों पर ही रह जाएगी। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत भारत ने अमेरिकी सामान पर आयात शुल्क लगभग शून्य कर दिया है, जिससे अमेरिकी उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में आ सकते हैं। वहीं भारतीय सामान पर अमेरिका में लगने वाला शुल्क 2 से 3 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत तक हो गया है, जिससे भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पार्टी के जत्थे गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। इन जत्थों का समापन 24 मार्च को दिल्ली में किया जाएगा। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर सीटू के जनरल सेक्रेटरी जगदीश राज, कैशियर वी.के. वैद्य, नेता अशोक कुमार, राजिंदर सिंह, पवन शर्मा, कश्मीरू लाल सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।