वीरवार की सुबह स्थानीय जनता की बैठक के बाद दोपहर को आनन-फानन में विधायक, जनता, प्रशासनिक अधिकारियों और श्राइन बोर्ड के सीईओ की एक संयुक्त बैठक लोक निर्माण विभाग के डाकबंगला में हुई, जिसमें नए मार्ग के इस्तेमाल संबंधी बोर्ड द्वारा पूरा स्पष्टीकरण दिया गया।
बावजूद इसके जनता ने फैसला किया कि वह अपनी रणनीति पर काम जारी रखेंगे। विभिन्न मुद्दे उठाए जाने के बाद श्राइन बोर्ड के सीईओ एके साहु ने स्पष्ट किया कि नए मार्ग पर वाहन चलाने की कोई योजना नहीं है। मार्ग की स्थिति के अनुसार यह संभव भी नहीं है।
जनता के आग्रह पर उन्होंने इस बात पर भी सहमती दी है कि नए मार्ग का प्रमुख द्वार बाण गंगा दर्शनी ड्योढी को ही रख जाएगा ताकि कसबे के व्यवसायियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। अलबत्ता उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मार्ग पर घोड़ों को चलने की कोई अनुमति नहीं होगी।
जनता इन आश्वासनों को लिखित में देने की मांग करने लगी। जिस पर भी कुछ हद तक सहमति हो गई। कई फैसले एनजीटी के निर्देश पर ही संभव श्राइन बोर्ड के सीईओ साहु बैठक में यह कहना नहीं भूले कि कई फैसले एनजीटी के निर्देश के बाद ही संभव हो सकेंगे।
बैठक में हेलिकाप्टर रूट, बोर्ड द्वारा कसबे के विकास को नजरअंदाज करना जैसे कई प्रमुख मुद्दे भी उठाए गए, जिसको बातचीत से सुलझाने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर जिला आयुक्त सुषमा चौहान, एसएपी रियासी सुजीत कुमार, एसडीएम अनिल चंदेल, तहसीलदार कविता पंडोह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
बोर्ड की कार्यप्रणाली पर जताया विरोध
श्राइन बोर्ड की जनविरोधी कार्यप्रणाली से रूष्ट होकर विधायक अजय नंदा उठकर बाहर चले गए। जनता भी उनके समर्थन में नजर आई। वहीं प्रशासन के आग्रह पर वह फिर से बैठक में शामिल हुए। ऐसे माहौल में जनता ने निर्णय लिया कि वह अपनी रणनीति पर काम जारी रखेंगे।