गड्ढों में मलबा भरकर अस्थायी मरम्मत करवा रहा विभाग, स्थायी राहत देने की उठी मांग
उधमपुर। शहर की जीवनरेखा माने जाने वाला पुराना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों जर्जर है। सुई मोड़, एमएच चौक, न्यू बस स्टैंड और जखैनी सहित कई स्थानों पर सड़क गड्ढों से पटी है। कई हिस्सों में रोड उबड़-खाबड़ हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो जाती है व हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
विशाल गुप्ता, राजकुमार, विनय शर्मा, अजय सिंह व अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा गड्ढों में मलबा भरकर अस्थायी मरम्मत की जाती है। स्थायी समाधान न होने से समस्या बार-बार सामने आ रही है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
फ्लाटा से जखैनी तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा पुराना राजमार्ग शहर के बीचों-बीच से गुजरता है और हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का मुख्य रास्ता है। ओमाड़ा मोड़ से जखैनी तक करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा ज्यादा खराब है। सड़क किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पानी जमा हो जाता है। इस मार्ग से गढ़ी-रेहम्बल, मलाड़, जिब, क्रिमची, मानसर, टी मोड़ और ओमाड़ा सहित कई क्षेत्रों के लोग जिला मुख्यालय तक आते-जाते हैं। साथ ही वीआईपी मूवमेंट भी होती है।
धार रोड भी बदहाल स्थिति में
धार रोड भी बदहाल स्थिति में है। सत्तैनी से कल्लर तक कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ चुकी है। मियां बाग और इंडस्ट्रीज एरिया के पास हालात और खराब हैं। जल निकासी की कमी के कारण बारिश में समस्या बढ़ जाती है। यह मार्ग दोमेल चौक से शुरू होकर मानसर होते हुए जिला सांबा से जुड़ता है, जिस पर प्रतिदिन भारी यातायात दबाव रहता है।
बीआरओ अधिकारियों से चर्चा की जा चुकी है और लिखित प्रस्ताव भेजा गया है। सड़क की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है। जल्द ही दोबारा प्रशासन और विभाग से बात की जाएगी।
-पवन कुमार गुप्ता, विधायक।