वाटर वर्कर्स पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन ने शुक्रवार को बैठक की। इसमें अस्थायी कर्मियों के बकाया वेतन की समस्या को हल नहीं करने पर सरकार की कड़ी आलोचना की गई। यूनियन ने कर्मियों को 40 माह से वेतन न देने पर सरकार को जमकर कोसा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सोमनाथ ने सरकार को आडे़ हाथाें लेते हुए कहा कि सरकार ने अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है। कहा कि सीपी वर्कर्स पिछले 40 महीनों से वेतन के तरस रहे हैं। उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कहा कि पीएचई कार्यालय में हजारों ऐसे कर्मचारी हैं, जो मात्र 500 और 1000 रुपये प्रतिमाह पर कार्य कर रहे हैं, जो वेजेज एक्ट के खिलाफ है। इन कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए नीति बनाना, विभाग में स्टाफ की काफी कमी को दूर करने पर भी सरकार को ध्यान देना होगा। लेबर एक्ट के तहत 400 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी है, लेकिन कर्मचारियों को 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसे दिए जा रहे हैं। सोमनाथ ने सभी एसोसिएशन से कहा कि वह एकजुट हो जाएं और मांगों को मनवाने के लिए जो भी कदम उठाया जाए, उसमेें पूरा साथ दें।