कटड़ा। नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य में आखिरी दिन वीरवार को धर्मनगरी में एशिया चौक से बस स्टैंड तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें धार्मिक झांकियों के साथ विभिन्न नृत्यों की प्रस्तुति की गई। वहीं, संध्या को सनातन धर्म ने भी जनता कटड़ा के सहयोग से झांकियां निकालीं।
दोपहर की शोभायात्रा में शिव बारात, पिंडी स्वरूप और माता सिद्घिदात्री के दर्शन प्रस्तुत किए गए थे। जबकि विभिन्न नृत्यों में राजस्थानी, कुड्ड नृत्य, महाराष्ट्री नृत्य, आदि शामिल थे। इस दौरान कई ढोल नगाड़ों की टोलियां भी शामिल थी। संध्या को सनातन धर्म समिति की ओर निकाली गई झांकियां भी धार्मिक व राज्य की संस्कृति से जुड़ी थीं। इन झांकियों को देखने के लिए प्रदेश भर से लोग यहां पहुंचे हुए थे। इस मौके पर उपायुक्त चरणदीप सिंह मुख्य अतिथि रहे। संवाद
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माता की कहानी का संपूर्ण मंचन
कटड़ा। अध्यात्मिक केंद्र में माता की कहानी के मंचन का समापन हो गया है। वीरवार को समूची कहानी का मंचन किया गया। इसमें मां वैष्णो देवी का राम भगवान से मिलने को लेकर भैरों वध, आदि सभी हिस्सों का मंचन किया गया। दर्शाया गया कि कहां-कहां से कन्या रूपी मां वैष्णो देवी गुजरीं और यात्रा के पड़ावों का क्या महत्व है। भैरों वध के उपरांत माता ने उन्हें वर दिया कि प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन के बाद भक्तों का भैरों मंदिर में दर्शन करना अनिवार्य होगा। इस मंचन के उपरांत महोत्सव में योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को महोत्सव कमेटी की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संवाद