रामनगर। शहर के वार्ड नंबर 10 में भगवान नरसिंह देव मंदिर से सुक्का तालाब की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण शॉर्टकट गली बदहाली पर आंसू बहा रही है। लगभग 500 मीटर का रास्ता जर्जर होने के कारण लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बन चुका है। पडेडी बोली से होकर गुजरने वाला मार्ग न केवल दूरी कम करता है बल्कि तहसील को भी जोड़ता है लेकिन प्रशासन की अनदेखी से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गली के साथ सुरक्षा के लिए लगे लोहे के जंगले पूरी तरह टूट चुके हैं। रात में गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। रोजाना सुबह बच्चे इसी मार्ग से स्कूल जाते हैं, जिनके फिसलने या गड्ढों के कारण चोटिल होने का डर हमेशा बना रहता है।
गली की हालत इतनी खराब है कि अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि सुबह-शाम बोली से पानी लाने के दौरान भारी परेशानी होती है। बरसात में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे जानवरों का निकलना भी असंभव हो जाता है। विजय कुमार का कहना है कि टूटे जंगले और गड्ढे आवाजाही को खतरनाक बना रहे हैं।
नए वित्तीय वर्ष में समाधान की उम्मीद
नगर पालिका ने समस्या पर संज्ञान लेते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। ईओ अभिलव महाजन ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त होने की कगार पर है इसलिए इसे नए वित्तीय वर्ष की परियोजना सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर गली की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।