धर्मनगरी में मजदूरों की हड़ताल को महिलाओं और बच्चों ने और मजबूती प्रधान कर दी है। इस बीच मंगलवार को मुख्य बस स्टैंड पर चौथे दिन भी पांच लोग अनशन पर बैठे रहे, पर अब तक प्रशासन या राज्यपाल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
मंगलवार तड़के ही मजदूरों का मुख्य बस स्टैंड पर एकत्रित होना शुरू हो गया था। दिनभर नारेबाजी होती रही। इस धरना प्रदर्शन में मजदूरों के परिजनों की उपस्थिति भी देखी गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
अधिकतर मजदूरों का कहना था कि नए मार्ग के शुरू होने से उनके परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। आंदोलन में शामिल हुई महिला नीलम, ममता, संतोष, कांता, काली, पौली, सुमन, दर्शना, सरला आदि का कहना था कि कई दिनों से उनके घरों के चूल्हे तक नहीं जले हैं।
ऐसे में उन्हाेंने भी इस हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। मजदूर यूनियन के प्रधान भूपिंदर सिंह का कहना था कि अभी आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं और बच्चों को ही इस आंदोलन में शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में दूरदराज क्षेत्रों से यहां काम करने वाले मजदूरों की महिलाएं में आंदोलन में शामिल होंगी।