मानतलाई में आईआईटी खोलने की प्रक्रिया के लिए प्रशासन को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से प्रस्ताव पारित होना बाकी है। जिला प्रशासन ने इस प्रस्ताव के साथ ही संस्थान के लिए एक हजार कनाल और जमीन की तलाश करने की प्रक्रिया में तेजी लाई है।
मानतलाई में मौजूदा समय में 1002 कनाल जमीन मौजूद है जो चारदीवारी से घिरी हुई 1002 है। करीब सौ कनाल पर निर्माण हुआ है। जू के अलावा पांच मंजिला हॉस्टल भी है। म्यूजियम और लाइब्रेरी भी है।
हाल, क्लास रूम, रहने के लिए घर, रसोईघर, एयरपोर्ट, पेट्रोल पंप, स्वीमिंग पूल, मेडिटेशन सेंटर भी बना हुआ है। हर्बल गार्डन, गौशाला, पक्की सड़क, देवदार के पेड़ मौजूद हैं।
प्रस्ताव पारित होते ही धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आधुनिक आश्रम में आईआईटी का पहला सत्र तुरंत शुरू किया जा सकता है। आईआईटी खोलने के मानदंडों के अनुसार कुल दो हजार कनाल जमीन की जरूरत है। बाकी एक हजार कनाल जमीन के आसपास के लोगों से बातचीत शुरू की गई है।
डुग्गर हेरीटेज सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. केसी शर्मा पूरे विश्व में आजकल योगा का बोलबाला है। इस क्षेत्र में आईआईटी के साथ पूरे विश्व से छात्र आकर योगा पर रिसर्च और ट्रेनिंग ले सकते हैं। क्षेत्र का विकास पर्यटन स्थल के तौर पर किया जा सकता है।
आईआईटी के प्रस्ताव को तुरंत पारित कर आगामी सत्र से क्लास शुरू करने की भी मांग की गई। पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के पीए ने भी इस जगह को लगभग फाइनल कर दिया है।