चिनैनी। तहसील मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर जुगधार में मंगलवार को वार्षिक मेले का आयोजन हुआ। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित होने वाले इस मेले में तंबाकू का इस्तेमाल न करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही हजारों लोगों ने बाबा जुग देवस्थान पर माथा टेका।
मेले की पूर्व संध्या पर ही मेला स्थल पर सैकड़ों लोग पहुंच चुके थे। मंगलवार तड़के से ही बाबा जुग के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। सुबह करीब नौ बजे तक श्रद्धालुओं की संख्या करीब दो हजार थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मेला स्थल पर रौनक बढ़ती गई। मेले में पहुंचने वाले लोग सत्यालता, चढ़त, सयुना, टंडार, नुगलता, घाड़िया, चिनैनी, उधमपुर, जम्मू, पंजाब व अन्य जगहों से आए थे।
दुर्गम मार्ग से गुजरते हुए लोगों की जुगधार पहुंचते ही विशाल सपाट मैदान देखकर सारी थकान दूर हो रही थी। इस दौरान उन्हें स्विट्जरलैंड और गुलमर्ग का अनुभव हो रहा था। मेला स्थल पर एक ओर जहां सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने लंगरों का आयोजन भी किया था। उधर, मेला स्थल पर छोटी छोटी दुकानें भी थीं, जहां मिठाई, खिलौने व अन्य सामान मिल रहा था।
--------
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजित
जुगधार मेला स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले कलाकारों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। भजन कीर्तन के साथ अन्य कई लोक गीतों की प्रस्तुति पर लोग झूमने को मजबूर हो गए थे। यह सिलसिला सुबह से मेला संपन्न होने तक तक चलता रहा। लोगों ने भी कलाकारों की हौसलाअफजाई में कोई कसर नहीं छोड़ी।
--------
क्रिकेट के लिए फिट बैठा जुगधार का सपाट मैदान
जुगधार के मैदान को देखकर युवाओं में जोश भर गया। दूर-दूर जहां तक नजर जाती, सपाट मैदान ही नजर आता। और, जिसका जहां मन करता, वही क्रिकेट खेलने लगता। मंगलवार को युवा जब जुगधार के मैदान में पहुंचे तो उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। शाम तक युवा क्रिकेट व अन्य खेलों में मस्त रहे।
-------
केवल पैदल मार्ग होने पर भी लोगों में दिखा उत्साह
जुगधार पहुंचने के लिए चिनैनी से टंडार के बदनसू तक सड़क बनी है। कई लोग वाहनों से गए, तो ज्यादातर लोग पैदल ही पहुंचे। उन्हें चार से पांच घंटे पैदल चलना पड़ा, फिर भी उनमें उत्साह इतना था कि वह जुगधार के मैदान में पहुंचकर कुछ नया करने को उतावले दिखे।
-------
सरकारी उपेक्षा के चलते जुगधार सैलानियों से दूर
जुगधार का कोई सानी नहीं है। लेकिन, इस स्थान की अनदेखी के कारण यह आज भी सैलानियों की नजरों से दूर है। स्थानीय लोगों की मानें तो इस स्थल पर सर्दियों में भारी हिमपात होता है, जो सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। गर्मियों में ठंडी जलवायु हर किसी का मन मोह सकती है। लेकिन, अभी तक सड़क न होने से विशाल सपाट मैदान वीरान पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस स्थल पर ध्यान देकर इसको पर्यटन स्थल का रूप देना चाहिए।
जुगधार मेले में उमड़ा जनसैलाब :- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार में सांस्कुतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुग मंदिर में माथा टेकने वालों की लगी लाइने :- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुग मंदिर में माथा टेकने वालों की लगी लाइने :- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार में सांस्कुतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार में दुकानों पर खरीदारी करते लोग:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार में दुकानों पर खरीदारी करते लोग:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार में सांस्कुतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
जुगधार मेले में उमड़ा जनसैलाब :- संवाद- फोटो : UDHAMPUR