उधमपुर। जिले में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर ने परिसीमन आयोग की प्रस्तावित रिपोर्ट को इसके सहायक सदस्यों की ओर से लीक हुई रिपोर्ट बताया है। उन्होंने कहा है कि इस रिपोर्ट से जम्मू कश्मीर के लोग हताश हो गए हैं। लेकिन, कांग्रेस आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अगर वह भी इसी तरह रही तो कांग्रेस उसे खारिज करेगी।
जीए मीर वीरवार को उधमपुर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मंत्री रमन भल्ला भी मुख्य रूप से मौजूद थे। मीर ने कहा कि वर्तमान में जिस रिपोर्ट को भाजपा के इशारे पर सार्वजनिक किया गया है, वह भाजपा सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर की ऐतिहासिक पहचान को खत्म करने की साजिश का एक हिस्सा है। कांग्रेस भाजपा की किसी भी ऐसी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।
सदस्यता अभियान के बारे में कार्यकर्ताओं से चर्चा करने और लोगों को पार्टी में शामिल करने के उद्देश्य से जीए मीर 12 से 28 फरवरी तक जम्मू संभाग के तमाम जिलों के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य लोगों को भाजपा की जन विरोधी नीतियों से छुटकारा दिलाना है। भाजपा ने दो सालों में जम्मू कश्मीर में बर्बादी का एक नया अध्याय लिखा है, जिसके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों से लेकर आम आदमी तक सड़क पर उतरने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले जम्मू कश्मीर से राज्य का दर्जा छीना, इसके बाद नौकरियों और जमीनों के अधिकारों को छीन लिया। लेकिन, अब भाजपा प्रदेश की स्थानीय एकता, तालमेल और पहचान को खत्म करने का प्रयास कर रही है। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को कांग्रेस स्वीकार नहीं करती, क्योंकि इसमें परिसीमन आयोग और चुनाव आयोग का हस्तक्षेप नजर नहीं आ रहा। इसे भाजपा के इशारे पर तैयार कर सार्वजनिक किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाना है।
-----
सत्ता में आने पर सभी जनविरोधी फैसले बदल देगी कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक की गई रिपोर्ट पर कांग्रेस विचार करेगी, और अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाएगी। लेकिन, अगर फिर भी इस रिपोर्ट में जनता की सुविधाओं और मांगों को नजरंदाज किया गया तो कांग्रेस जनता से वादा करेगी कि अगर वे कांग्रेस को मजबूत कर सत्ता में लाएंगे, तो दो साल के भाजपा सरकार के सभी जनविरोधी फैसलों को बदल दिया जाएगा।
-----
प्रदेश में चुनाव नहीं कराना चाहती भाजपा
इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन आयोग का कार्यकाल दो माह और बढ़ाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा परिसीमन की आड़ में जम्मू कश्मीर की सत्ता को अपने हाथ में बनाए रखना चाहती है। वह नहीं चाहती है कि प्रदेश में चुनाव हों। क्योंकि, उसे पता है कि इस बार जनता उन्हें वोट नहीं देगी। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में कोई राजनीतिक दखल नहीं है तो इस पर उपराज्यपाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बयानबाजी का कोई तुक नहीं बनता।