मानतलाई में आईआईटी खोलने के लिए पहल शुरू कर दी गई है। इसके लिए जमीन के अधिग्रहण के बाबत जिला प्रशासन ने लोगों से बातचीत करनी शुरू कर दी है।
इससे स्थानीय लोगों में रोजगार को लेकर उत्साह भी है। हालांकि कई लोगों को अपनी जमीन जाने का भी दुख है। खेतीबाड़ी निर्भर परिवार के लिए आजीविका की परेशानियां सताने लगी हैं।
राजस्व अधिकारियों ने मानतलाई में स्व. धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम की जमीन कम होने के कारण ही लोगों से बातचीत शुरू की है। आईआईटी के निर्माण के लिए दो हजार कनाल जमीन की जरूरत है।
प्रशासन को धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम की जमीन के साथ ही और जमीन चाहिए। हालांकि मानतलाई में सब्जियों की खेती सबसे अधिक होती है।लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत भी खेती है।
उधमपुर के एडीसी राजस्व ने चिनैनी में दौरा कर स्थानीय लोगों से बात की। क्षेत्र के गुलाम हुसैन, चैन सिंह, जीवन राम के अनुसार आईआईटी बनने से क्षेत्र का विकास होगा। चिनैनी से आगे सुद्धमहादेव के नजदीक से डोडा के लिए अलग से रास्ता बन रहा है।
डोडा तक हाईवे के लिए टनल का निर्माण होगा। डबल लेन बनने और संस्थान के बनने से धार्मिक स्थल सुद्धमहादेव और गौरीकुंड का भी विकास होगा। धार्मिक स्थल के विकास से धार्मिक पर्यटन का भी विकास होगा। उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों की जमीन ली जाएं, उन्हें अलग से किसी अन्य स्थान पर जमीन दी जाए।
गौरतलब है कि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के पीए रंजीत सिंह ने मानतलाई का दौरा कर कालेज के लिए जगह सुनिश्चित की। इस जगह पर पहले से ही करोड़ों रुपये का निर्माण हुआ है, जिसका उपयोग कालेज के लिए किया जा सकता है।