प्रशासन की लापरवाही के कारण विशेष ट्रेन से आए चावल खुले आसमान के नीचे सड़ रहे हैं। जो चावल की बोरियां उठाई भी गई हैं। उन्हें भी औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद पुरानी बंद पड़ी दुकानों में रखवाया जा रहा है।
इन दुकानों में कीचड़ इतना है कि उसे भी साफ करने में दो दिन लग गए। कीचड़ से सनी जमीन पर रखे चावल भी खराब हो रहे है, जबकि डिग्री कालेज के इनडोर स्टेडियम में भी इन चावलों को रखवाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से आई ट्रेन में 25 मीट्रिक टन चावलों को रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से नाकाम रहा है।
स्टेशन से चावलों को लोग उठा रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भी कोई पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए है। जम्मू के लिए राहत सामग्री को कश्मीर भेजने के लिए जहां जम्मू जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर रहा है। उधमपुर जिला प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है। डोगरा क्रांति दल के अनुसार, प्रभावित लोगों के पास राशन नहीं पहुंच रहा है। सदल गांव के भी प्रभावित लोग अभी राहत सामग्री से महरूम है।
जिला प्रशासन लगातार दावे कर रहा है कि वह राहत सामग्री बांट रहा है। अब चार दिन पहले उधमपुर स्टेशन पर पहुंचे चावल ने जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। प्रशासन राहत सामग्री को संभाल नहीं पा रहा है और उसे वितरित करने में भी देरी बरती जा रही है। विधायक बलवंत मनकोटिया ने भी स्टेशन से राशन नहीं उठाए जाने के मामले को गंभीर बताया।