जिले के दूरदराज क्षेत्रों गुलाबगढ़, पंचेरी, लांदर, लाटी, चिनैैनी में बने प्राइमरी हेल्थ सेंटर डाक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं।
कई हेल्थ सेंटर डाक्टरों की कमी के कारण बंद हो गए हैं। विशेष महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने के चलते मरीजों को जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। इसके लिए महिलाओं को ऊबड़ खाबड़ रास्ते पर घंटों सफर करना पड़ता है।
दूरदराज क्षेत्रों से जब लोग प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में इलाज के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें यहां असुविधाओं से जूझना पड़ता है। बिस्तर साफ नहीं होते हैं। कई-कई दिन तक चादर नहीं बदली जाती हैं। कुछ सेंटरों में सिर्फ आयुर्वेद के डाक्टर ही मिलते हैं।
हालात यह हैं कि मजबूरी में मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। छोटी से बीमारी के लिए मरीजों को हेल्थ सेंटरों से जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। जिले के कई हेल्थ सेंटर ऐसे हैं जो सिर्फ आयुर्वेद डाक्टर के सहारे चल रहे हैं।
पूरे जिले में 95 डाक्टरों की कमी है। डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों की लंबी कतारें इन सेंटरों के बाहर लगी रहती है। हालात यह हैं कि प्राइमरी हेल्थ सेंटर रेफर सेंटर बन गए हैं।
कई प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में उपकरण नहीं है। एंबुलेंस की सुविधा भी नाकाफी है।