यह महोत्सव 1996 में पर्यटन विभाग द्वारा शुरू किया गया था
महोत्सव से जुड़े लोगों को अब तक आयोजन की सूचना नहीं मिली
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कटड़ा। जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश के कारण इस साल माता वैष्णो देवी के दरबार में होने वाला वार्षिक नवरात्र महोत्सव रद्द होने की संभावना है। लगातार बारिश और 22 दिनों तक ठप रही यात्रा को देखते हुए पर्यटन विभाग ने अभी तक महोत्सव के आयोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है।
यह महोत्सव 1996 में पर्यटन विभाग द्वारा शुरू किया गया था। अब तक हर साल भव्यता के साथ मनाया जाता रहा है। हालांकि इस साल की आपदा ने आयोजकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रमुख लोगों जैसे राकेश वज़ीर (डिवोशनल सॉन्ग कॉम्पटीशन), शिवकुमार शर्मा (अंतरराष्ट्रीय दंगल व कवि सम्मेलन) और राजकुमार पाधा (प्रभात फेरी) ने बताया कि उन्हें अब तक पर्यटन विभाग से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि महोत्सव शुरू होने में केवल दो दिन बचे हैं और इतने कम समय में इसका आयोजन करना लगभग असंभव है।
चौथी बार टल सकता है महोत्सव
अगर यह महोत्सव रद्द होता है तो यह चौथी बार होगा जब इसका आयोजन नहीं किया जाएगा। इससे पहले, साल 2014 में कश्मीर में आई बाढ़, 2020 में कोरोना महामारी और 2024 में आम चुनावों के कारण इसे सादगी से मनाया गया था। इस वर्ष 2025 में बारिश और प्राकृतिक आपदा को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि कुछ जगहों पर सजावट का काम जारी है। दिल्ली से आए कवत्रा टेंट हाउस द्वारा कटरा के चौराहों पर स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। वहीं केके शर्मा द्वारा भवन को देश-विदेश से लाए गए फूलों से सजाने का काम भी लगातार जारी है। इन तैयारियों के बावजूद महोत्सव की रौनक इस साल फीकी पड़ने की आशंका है।
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक राजेश रैना ने कहा कि अब तक कोई जानकारी नहीं है। न ही श्राइन बोर्ड ने कोई सूचना दी है। अगर महोत्सव कराने के लिए कहा जाता है तो विभाग तैयार है।