कटड़ा। धर्मनगरी में रंगों का पर्व अत्यंत उत्साह, उमंग और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया गया। माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने आए श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच होली का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरी नगरी रंगों से सराबोर हो गई।
सुबह होते ही पूरे क्षेत्र में रौनक छा गई। बाजारों से रिहायशी इलाकों तक हर जगह लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देते नजर आए। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
टोलियां बनाकर निकले युवा हाथों में पिचकारियां और रंग लिए एक-दूसरे पर खुशियों की बौछार कर रहे थे। बाजारों और गलियों में ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा नाचते-गाते हुए होली का आनंद लेते रहे।
यात्रियों ने भी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उत्सव में भाग लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि माता के चरणों में होली मनाना यादगार अनुभव है। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और गले मिलकर भाईचारे व प्रेम का संदेश दिया।
दुकानों पर रंग, गुलाल और आकर्षक पिचकारियों की खूब खरीदारी हुई। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष होली पर व्यापार और उत्साह दोनों ही पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहा।