पुराने शहर रामबन को जिला मुख्यालय मैत्रा रामबन से जोड़ने वाली चिनाब नदी पर बना झूला पुल सभी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया। एक ट्रेलर के सस्पेंशन ब्रिज की रस्सियों के संपर्क में आने से रस्सियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला मजिस्ट्रेट रामबन मुसरत इस्लाम ने एक आदेश जारी कर कहा है कि लोगों की जान व माल की सुरक्षा के लिए पुल को हर प्रकार के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
जानकारी अनुसार एक कार्य स्थल की ओर जाते समय एक भारी ट्रेलर के सस्पेंशन ब्रिज की रस्सियों के संपर्क में आने से सस्पेंशन ब्रिज की रस्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने पुल को हर प्रकार के यातायात के लिए बंद कर दिया है।
हालांकि लोगों को पैदल पुल से आवागमन करने की अनुमति दी गई है। रामबन में चिनाब नदी पर पुल पुराने शहर रामबन और जिला मुख्यालय के बीच मुख्य लिंक है, जो जिला प्रशासनिक परिसर मैत्रा रामबन, गांधारी, गूल संगलदान सुंबर और जिला रामबन के अन्य क्षेत्रों से जुड़ता है। वर्ष 2004 में बाढ़ के बाद और फिर वर्ष 2018 में सरकार और ग्रेफ द्वारा पुल को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था।
पिछले साल वैकल्पिक पुल पर काम शुरू किया गया है। जिला मुख्यालय परिसर मैत्रा तक पहुंचने के लिए करूल के माध्यम से एक वैकल्पिक मार्ग है जो बहुत दूर है। लोगों ने कहा कि जिला मुख्यालय मैत्रा पहुंचने के लिए उन्हें करूल के रास्ते समय सहित अधिक किराया देना होगा।
जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग जसवाल पुल, करोल से कैफेटेरिया मोड़ रामबन तक भूस्खलन वाला क्षेत्र है। जब इन स्थानों पर राजमार्ग बंद हो जाता है तो इस अवधि के दौरान छोटे यात्री वाहनों को डायवर्ट किया जाता है और इस मार्ग का उपयोग मेहाड़ कैफेटेरिया मोड़ स्लाइड को बाइपास करने के लिए किया जाता है, लेकिन अब पुल के क्षतिग्रस्त होने पर नई समस्या सामने आई है। 52 आरसीसी ग्रेफ के ऑफिस कमांडिंग एसके गौतम और जिला प्रशासनिक अधिकारी ने पुल के हुए नुकसान का जायजा लिया है।