किश्तवाड़। जिले में खतरनाक सड़कें और कमजोर सड़क सुरक्षा हादसों को न्योता दे रहे हैं। जिले के लगभग सभी संपर्क मार्गों पर क्रैश बैरियर या सुरक्षा रेलिंग का अभाव है। सड़कें न केवल संकरी हैं, बल्कि कई स्थानों पर खस्ताहाल भी हैं। इसके बावजूद इन मार्गों पर वाहनों की गति पर कोई सख्त नियंत्रण नहीं है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। विशेष रूप से किश्तवाड़–बटोत राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े छात्रू ठाकराई, केशवान, बोंजवा, सुरूड़ सरथल सहित अन्य सभी संपर्क मार्ग जोखिम से खाली नहीं हैं। इन मार्गों पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी खतरनाक संपर्क मार्गों पर क्रैश बैरियर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। तीखे मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। वाहनों की गति सीमा को सख्ती से लागू किया जाए और चालकों को पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया जाए।