डोडा। किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अभियान के माध्यम से किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेतों की गुणवत्ता और मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही, रासायनिक खादों और अन्य रासायनिक कृषि उत्पादों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी प्रयास किए जा सकते हैं। किसानों को जागरूक करते हुए टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि की उपजाऊ क्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
इस दौरान स्वस्थ मिट्टी, बेहतर फसल उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के बीच आपसी संबंध को भी रेखांकित किया गया। किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करते हुए कृषि क्षेत्र में ऐसी पद्धतियां अपनाने का संदेश दिया गया जो भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हों। खेत बचाओ अभियान के जरिए किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।