स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने विभाग से उठाई जल्द स्टाफ पूरा करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। हाई स्कूल कोनैन में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने विभाग से जल्द स्टाफ पूरा करने की मांग की है।
दनवालत पंचायत और ब्लाॅक परलीधार के स्कूल में भी शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल भवन पूरी से तैयार है और छात्रों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं लेकिन स्टाफ की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्कूल में 134 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि यहां केवल आठ शिक्षक तैनात हैं। इनमें से 2 आरईटी शिक्षक, एक मास्टर ग्रेड, चार शिक्षक और एक हेडमास्टर शामिल हैं। स्कूल में विषयवार पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है।
बताया जा रहा है कि स्कूल में एक शिक्षक का पद पिछले 20 साल से खाली है जबकि अन्य पद तीन साल से रिक्त हैं। इतना ही नहीं शारीरिक शिक्षा के शिक्षक, जूनियर असिस्टेंट और लाइब्रेरी असिस्टेंट के पद भी आज तक नहीं भरे जा सके हैं। सूत्रों के अनुसार दिसंबर और जनवरी में स्कूल में स्टाफ की कुछ हद तक पूर्ति की गई थी जिससे पढ़ाई में सुधार की उम्मीद जगी थी। फरवरी महीने मेंं उन शिक्षकों को ट्रांसफर कर दिया गया जिससे स्थिति फिर पहले जैसी हो गई।
स्कूल में सुविधाएं तो हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार को इस ओर जल्द ध्यान देना चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
- सुरजीत सिंह, अभिभावक
हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल भेजते हैं, बाकी शिक्षक पूरा प्रयास करते हैं, जितना हो सके उससे जयादा करने का प्रयास करते हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के कारण सही ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
- मोहन सिंह, अभिभावक
इतने साल से पद खाली होना बहुत गंभीर बात है। अगर समय रहते स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया, छात्रों की शिक्षा पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।
- मलकीत सिंह, अभिभावक
बार-बार ट्रांसफर होने से स्कूल की व्यवस्था बिगड़ रही है। बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं होना चाहिए, प्रशासन को तुरंत स्टाफ पूरा करना चाहिए।
- अशोक सिंह, अभिभावक
कोट
शिक्षकों की कमी को लेकर जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार शिक्षक की तैनाती की जाएगी ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।
- सुभाष गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी