उधमपुर। काॅलेज में प्रवेश करने वाले हजारों छात्रों को राहत मिली है। उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से 16 अप्रैल को अहम फैसला लिया गया। इसके तहत अब सरकारी डिग्री कालेजों में स्नातक (यूजी) कोर्सों में दाखिला सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के बजाय 12वीं के अंकों के आधार पर किया जाएगा।
इस फैसले का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का अतिरिक्त दबाव कम करना और एडमिशन प्रक्रिया को सरल बनाना है। सरकार के इस फैसले के बाद छात्रों में खुशी की लहर है। इस फैसले से छात्रों को मानसिक, आर्थिक और तैयारी के स्तर पर काफी राहत मिली है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार का यह फैसला छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब 12वीं के अंकों का महत्व बढ़ गया है और छात्रों को बिना अतिरिक्त परीक्षा के सीधे कॉलेज में प्रवेश का मौका मिलेगा।
केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल शुरू किया जाएगा
प्रोफेसर मनमोहन सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से जल्द ही एक केंद्रीकृत आनलाइन प्रवेश पोर्टल शुरू किया जाएगा। इसमें छात्र आनलाइन रजिस्ट्रेशन करे अपना पसंदीदा कालेज और कोर्स चुनेंगे। इसके बाद 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होगी। उसी के अनुसार कालेज में सीट दी जाएगी। संभावना है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मई- जून 2026 के बीच शुरू हो सकती है।
जिन छात्रों ने सीयूईटी फार्म भरा है उनका क्या होगा
जो छात्र पहले ही सीयूईटी-यूजी के लिए आवेदन कर चुके हैं। उनकी परीक्षा हो भी सकती है, लेकिन राज्य के कालेज एडमिशन में उसका उपयोग नहीं होगा। यदि छात्र देश के अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेना चाहते हैं तो सीयूईटी स्कोर उनके लिए मान्य रहेगा।
कोट
सीयूईटी की तैयारी करना हमारे लिए मुश्किल हो रहा था। कई बच्चे गांव से होते हैं, परीक्षा खत्म होने के बाद भी ट्यूशन जाना पड़ रहा था। अब 12वीं के नंबर से एडमिशन होगा तो हमें राहत मिली है।
- वर्षा शर्मा, छात्रा
पहले बोर्ड परीक्षा के साथ अलग से सीयूईटी परीक्षा का तनाव रहता था। अब सीधे मेरिट के आधार पर मौका मिलेगा। यह फैसला बहुत अच्छा है।
-मानिका शर्मा, छात्रा।
कई बच्चों के पास कोचिंग या संसाधन नहीं होते हैं लेकिन सीयूईटी हटने से सबको बराबर मौका मिलेगा। इससे हमारा तनाव तो कम हुआ है। अब सिर्फ 12वीं के परिणाम का इंतजार है।
- कशिश शर्मा, छात्रा।
सीयूईटी को लेकर मन में डर था कि अगर परीक्षा ठीक नहीं हुई तो पूरा साल खराब हो सकता था। आर्थिक और तैयारी के स्तर पर काफी राहत मिली है।
- मधु शर्मा, छात्रा।