उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से पंचायत संसु में पड़ते गांव धनौड़ी में बच्चों की सुविधा के लिए 50 साल पहले प्राइमरी स्कूल का निर्माण करवाया गया था। ताकि बच्चाें को पढ़ाई के लिए इधर उधर न भटकना पड़े, लेकिन मौजूदा समय में स्कूल की इमारत इस कदर खस्ताहाल हो गई है कि अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं।
इतना ही नहीं बारिश के दिनाें में सारा पानी अंदर आ जाता है, जिसके चलते बच्चों को बैठने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं स्कूल में बने कमरों में पड़ी दरारें देखकर तो यही लगता है कि पता नहीं कब ये इमारत गिरेगी।
स्थानीय निवासी पवन देव सिंह, ओम प्रकाश, राधे श्याम, बंसी लाल, मोहन लाल, बनारसी दास, राकेश कुमार, हंस राज, रवि कुमार, शाम लाल सहित अन्य कई बार विभाग के अधिकारियों से स्कूल की खस्ताहाल इमारत की मरम्मत करवाने की गुहार लगा चुके है। लेकिन उसके बावजूद विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
जानकारी के मुताबिक स्कूल की खस्ताहाल इमारत व अन्य सुविधाएं न होने के चलते ज्यादातर क्षेत्र वासियों ने अपने बच्चों को स्कूल से निकालकर दूसरे स्कूल में भेज दिया है। जिसके चलते मौजूदा समय में अब स्कूल में बच्चों की संख्या कम हो गई है। उसके बावजूद विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। क्षेत्रवासियों को अपने बच्चों को 2 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में भेजना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द स्कूल की इमारत की मरम्मत करवाने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें आ रही परेशानियों से निजात मिल सके।
टीम जल्द करेगी दौरा : सीईओ
इस संदर्भ मेें सीईओ नरेंद्र मोहन सूरी का कहना है कि जल्द ही विभाग की टीम को स्कूल का दौरा करने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद एक रिपोर्ट बनाकर स्कूल की मरम्मत के लिए उसे आने वाले वित्त वर्ष के प्लान में प्राथमिकता के तौर पर रखा जाएगा ताकि लोगों व बच्चों को आ रही समस्या का समाधान हो सके।