व्यापारियों ने जताई नाराजगी, परिवहन विभाग से हस्तक्षेप की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर बस किराये में हुई बढ़ोतरी के बाद बस चालकों की मनमानी शुरू हो गई है। सह चालकों ने दुकानदारों के सामान की ढुलाई पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। व्यापारियों ने इसको लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए परिवहन विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है।
व्यापार मंडल के प्रधान जोगिंदर बंगाथीया व अन्य व्यापारियों का कहना है कि पहले दुकानों के छोटे-मोटे सामान को बसों से सामान्य शुल्क पर भेजा जाता था। बस चालक और सह चालक पहले छोटे नग के प्रत्येक सामान पर 30 रुपए लेते थे और अब 50 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार परिवहन विभाग ने रामनगर से उधमपुर तक किराया 65 रुपये निर्धारित किया है। इसका फायदा उठाते हुए बस संचालकों ने सामान ढुलाई के रेट भी मर्जी से बढ़ा दिए हैं।
स्थानीय दुकानदारों अरुण रैना, सतपाल शर्मा, सुनील जंडियाल, रमेश चंद्र और सूरम चंद का कहना है कि रोजाना बाजार के लिए आवश्यक सामान उधमपुर से मंगवाया जाता है। इससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि यदि कोई दुकानदार अतिरिक्त किराया देने से मना करता है तो उसके सामान को बस में चढ़ाने से इन्कार कर दिया जाता है।
व्यापारी वर्ग ने परिवहन विभाग और प्रशासन से यात्रियों की तरह सामान ढुलाई का किराया निर्धारित करने की मांग की है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
बस चालक सामान पर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए।
- जोगिंदर बंगाथीया, प्रधान व्यापार मंडल
यात्रियों के किराये में बढ़ोतरी के बाद अब सामान ढुलाई पर भी अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। यदि यही स्थिति रही तो व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
- सुनील जंडियाल
रोजाना उधमपुर से दुकान का सामान मंगवाना पड़ता है। अब छोटे नग के 30 की बजाय 50 रुपए अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं। परिवहन विभाग को सामान ढुलाई का तय रेट निर्धारित करना चाहिए।