फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: मांड में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी का संचालन जल्द होगा शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। बीते दो दशक से चली आ रही शहर के कचरा निस्तारण की समस्या का जल्द स्थायी समाधान होने जा रहा है। नगर परिषद मांड साइट पर 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी का संचालन शुरू करेगी। इस अत्याधुनिक परियोजना से शहर में कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाया जा सकेगा।
विज्ञापन

नगर परिषद के अनुसार यह अत्याधुनिक सुविधा ट्रॉमल मशीन से सुसज्जित होगी जो कचरे की वैज्ञानिक तरीके से छंटाई और प्रसंस्करण में अहम भूमिका निभाएगी। गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाएगा। इससे न केवल कचरे का उचित निपटान होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
-
ये है वर्तमान स्थिति
करीब डेढ़ लाख आबादी वाले उधमपुर शहर के सभी 21 वार्डों से प्रतिदिन लगभग 35 टन कचरा निकलता है। इसके निपटान के लिए कोई ठोस योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। शहर के बाहरी इलाके सुई में स्थापित मेटीरियल रिकवरी फैसिलिटी यूनिट (एमआरएफ) पर भी मात्र 5 टन प्रतिदिन कचरे का निस्तारण हो पाता है। शहर से रोज निकलने वाले कचरे को सुई झक्खड़ और मांड स्थित साइट पर ले जाकर पहुंचाया जाता है। इससे दोनों जगहों पर सैकड़ों टन कचरे के अंबार लग चुके हैं। यह समस्या बीते कई सालों से उधमपुर की राजनीति का भी मुख्य मुद्दा रही है। नगर परिषद को बीते कार्यकाल में भी इसी मुद्दे को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन



कब से चली आ रही है समस्या, अब तक क्या हुए हैं प्रयास
कभी सात वार्डों वाला शहर समय के साथ विस्तारित होता गया और पहले 11 वार्ड और फिर साल 2017 में इसके 21 वार्ड बन गए। एक दशक पहले तक शहर से बाहर अंबिहार में तवी नदी के किनारे शहर का कचरा फेंका जाता था। इसका विरोध शुरू हुआ और बाद में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने संज्ञान लेकर नगर परिषद को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद नगर परिषद ने कचरा निस्तारण यूनिट की स्थापना को लेकर प्रयास शुरू कर दिए। साल 2019 में शहर के बाहरी इलाके सुई में तीन टन क्षमता वाले पहले किल वेस्ट यूनिट लगाया गया लेकिन कुछ महीनों बाद ही इसने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद मेटीरियल रिकवरी फैसिलिटी यूनिट स्थापित किया गया है। मांड में नगर परिषद की लगभग 90 कनाल जमीन पर भी बड़ा यूनिट लगाने के लिए बीते छह साल से प्रयास जारी हैं लेकिन स्थानीय विरोध, विभागीय मंजूरी जैसी बाधाओं के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
कोट
मांड साइट पर 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी का संचालन शुरू करने की योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए सक्षम एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और अगले चंद दिनों में इसकी प्रक्रिया पूरी होते ही चयनित कंपनी मांड में अपनी मशीनरी लगाकर कचरा निस्तारण का काम शुरू कर देगी।
विज्ञापन

- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद, उधमपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें