उधमपुर। जिले में डेंगू का आंकड़ा जहां पिछले साल का रिकार्ड ध्वस्त कर आगे निकल गया, वहीं चिकनगुनिया ने भी पांव पसारना शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को चिकनगुनिया के 4 नए मामले मिलने के बाद कुल संख्या 6 हो गई है। फिलहाल राहत इस बीत की है कि अब तक न तो डेंगू और न ही चिकनगुनिया के किसी मरीज को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 1416 मरीजों की जांच में 345 डेंगू पाॅजिटिव मिले हैं। इनमें से 239 ठीक हो चुके हैं और 53 का स्वास्थ्य विभाग की करीबी निगरानी में होम ट्रीटमेंट चल रहा है। इसके अतिरिक्त शेष 53 मामले बाहरी राज्यों से संबंधित हैं और इनकी पहचान नहीं हो पाई है। वहीं चिकनगुनिया के लिए अब तक की गई 91 मरीजों की जांच में 6 पाॅजिटिव मिले हैं और इन सभी की हालत स्थिर है।
डेंगू ने तोड़ा पिछले साल का रिकार्ड
2023 में जिले में डेंगू के 729 मामले आए थे और दो लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए विभिन्न ब्लॉकों में पड़ते ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में डेंगू से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाए। लोगों के बीच विभाग द्वारा छापे गए पोस्टर भी वितरित किए गए थे। इसके चलते 2024 में जिले में डेंगू मामलों का आंकड़ा 328 पर रुक गया और किसी को भी जान नहीं गंवानी पड़ी। वहीं इस साल डेंगू का पहला मामला अप्रैल में दर्ज किया गया था। इसके बाद अगस्त तक कुल 11 मामले रिपोर्ट हुए थे। सिंतबर में डेंगू ने रफ्तार पकड़ी और एक माह में 77 मामले रिपोर्ट हुए और अब अक्तूबर माह में सबसे अधिक 257 मामले पाए गए और कुल आंकड़ा 345 तक पहुंच गया है।
डेंगू के कहां कितने मामले
मेडिकल ब्लाॅक टिकरी- 171 (शहर और आसपास के ग्रामीण इलाके)
मेडिकल ब्लाॅक चिनैनी- 93 (चिनैनी कस्बा और आसपास के ग्रामीण इलाके)
मेडिकल ब्लाॅक रामनगर 25 (रामनगर कस्बा और आसपास के ग्रामीण इलाके)
मेडिकल ब्लाॅक मजालता03 (मजालता कस्बा और आसपास के ग्रामीण इलाके)
मेडिकल ब्लाॅक बसंतगढ़00
मेडिकल ब्लाॅक पंचैरी-00
चिकनगुनिया के कहां कितने मामले
मेडिकल ब्लाॅक टिकरी 03
मेडिकल ब्लाॅक चिनैनी 02
मेडिकल ब्लाॅक रामनगर01
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डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण
डेंगू के लक्षणों में अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है, जी मचलना एवं उल्टी होना, पेट में दर्द होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना या त्वचा पर चकत्ते उभरना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं।
इसी तरह के लक्षण चिकनगुनिया के भी नजर आते हैं।
डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव
डेंगू और चिकनगुनिया दोनों एडीज एजिप्टाई रोग वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और आमतौर पर दिन के समय काटता है। इस मच्छर की विशेष पहचान होती है कि यह आम मच्छर से आकार में बड़ा और काला होता है और जमीन से करीब तीन फुट की ऊंचाई तक ही रहता है।
बचाव के लिए पानी की टंकी, कूलर, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर, आदि से जमा पानी निकाल दें। पूरे बदन को ढंकने वाले कपड़े पहनें। लक्षण नजर आने पर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
डेंगू और चिकनगुनिया में अंतर
चिकनगुनिया और डेंगू दोनों वायरल बुखार हैं जो एक ही प्रकार के मच्छरों से फैलते हैं, लेकिन उनमें मुख्य अंतर यह है कि चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द बहुत गंभीर और लंबे समय तक रहता है, जबकि डेंगू में प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं और गंभीर मामलों में रक्तस्राव या सदमा हो सकता है। चिकनगुनिया में चकत्ते पूरे शरीर में हो सकते हैं, जबकि डेंगू में ये केवल चेहरे और अंगों तक सीमित हो सकते हैं। निश्चित निदान के लिए रक्त परीक्षण की आवश्यकता होती है।
कोट
डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। फागिंग-स्प्रे के लिए नगर परिषद का भी सहयोग शामिल है। पहले लगातार बारिश और अब कई दिनों के सूखे की वजह से डेंगू मच्छर के पनपने के लिए अनुकूल मौसम बन गया है। इसलिए लोगों को भी बचाव के लिए तापमान में गिरावट आने तक पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
-विजय कुमार, सीएचओ, मलेरिया विभाग उधमपुर
रिपोर्ट-विजय कुमार