उधमपुर। मां राज राजेश्वरी आश्रम में सत्संग समारोह आयोजित किया गया। इसमें महात्मा समता बाई, अनुरोध बाई एवं महात्मा मेनावती बाई ने प्रवचन सुनाए।
बाईगण ने अपने आत्मानुभवी विचारों से समझाया कि पांच तत्वों के मिश्रण से बना यह शरीर आत्मा के निकलते ही निरर्थक हो जाता है। सच्चे संत उस चेतन शक्ति का बोध करवाते हैं जिसके रहते संसार में हमारा अस्तित्व है।
बाईगण ने कहा कि संसार में कर्म की प्रधानता है, सब कर्मों और विचारों का खेल है। हमें नेक कर्म करते हुए जीवन यापन करना है, भजन ध्यान करते हुए मानव जीवन को सफल और सार्थक करना है।