उधमपुर। रामनगर स्थित प्रसिद्ध नृसिंह मंदिर के बाहर पार्किंग न होने के कारण श्रद्धालुओं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर त्योहारों व धार्मिक समारोह पर सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। हालांकि विभाग के मुताबिक जगह का चयन कर लिया है लेकिन लगभग 3 करोड़ की परियोजना को धरातल पर उतारने में अभी समय लग सकता है।
इतिहासकारों का मानना है कि बिलावर में देवी सुकराला और रामनगर में नृसिंह मंदिर की प्रतिष्ठा एक ही दिन हुई थी। निसंतान राजा ने भगवान का आशीर्वाद पाने की आशा से मनसा देवी मंदिर का दौरा किया। महंत ने वृद्धावस्था के चलते पूजा करने में असमर्थता व्यक्त करते राजा को सलाह दी कि रामनगर में महल के पास शिला को स्थानांतरित कर पूजा करे जिससे उनकी इच्छा पूरी होगी। इसके बाद शिला को महल के पास प्रतिष्ठित किया गया।
नृसिंह मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद खजूरिया ने बताया कि रोजाना बाहर से भी भक्तों का आना-जाना बढ़ रहा है। इस कारण भारी समस्या देखने को मिल रही है। एक दिन में एक हजार के आसपास लोग नृसिंह महाराज के दर्शन करने आते हैं। आरती के बाद मंदिर में 400 से 500 लोगों के लिए भंडारा लगाया जाता है। शाम को 8 बजे आरती के बाद कपाट बंद कर दिए जाते हैं। विशेष दिनों में जैसे त्योहार, यज्ञ या भंडारे के दौरान पांच हजार तक लोग मंदिर में आते हैं। बड़े कार्यक्रमों के दौरान पार्किंग न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंदिर के साथ महाराजा सुचेत सिंह का 180 वर्ष पुराना ऐतिहासिक महल है, यहां भी पर्यटकों का आना जाना बढ़ता जा रहा है। इसलिए पार्किंग की सुविधा मुहैया करवानी चाहिए।
कोट
पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए एचपी गैस एजेंसी के पास जगह देखी गई है। जल्द ही लगभग तीन करोड़ की लागत से तैयार होने वाली पार्किंग का टेंडर हो जाएगा। पार्किंग बनने से काफी हद तक रामनगर में समस्या खत्म हो जाएगी।
- अभिलव महाजन, प्रभारी ईओ, नगर पालिका।