रियासी। जिले की तहसील भमाग के लमसोरा से जिला मुख्यालय की तरफ आ रही मिनी बस सलाल प्रोजेक्ट एनएचपीसी कॉलोनी ज्योतिपुरम के मुख्य गेट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस मुख्य गेट और बेरिकेट के साथ जा टकराई। हादसे में 22 यात्री घायल हो गए। दुर्घटना में घायल हुए सभी यात्री भमाग के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार लमसोरा से रियासी की तरफ आ रही मिनी बस जैसे ही ज्योतिपुरम की ढलान से उतरने लगी। उसी समय उसकी गति पर चालक नियंत्रण नहीं रख सका और बस सीधा मुख्य गेट व बेरिकेट के साथ जा टकराई। कॉलोनी के बाहर यह गेट भीतर आने वाले वाहनों की जांच के लिए बनाया गया है। यहां सीआईएसएफ के जवान तैनात रहते हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद ही जवानों के साथ गुजर रहे अन्य वाहनों में सवार लोग भी मदद के लिए पहुंचे। हादसे में घायल हुए लोगों को अन्य वाहनों में बिठाकर माड़ी स्थित जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर सभी को उपचार दिया गया। जिला अस्पताल में कुल 22 घायल पहुंचे, जिनमें से तीन घायलों को प्राथमिक उपचार देने के उपरांत जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। ज्योतिपुरम पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
गौरतलब है कि उक्त मार्ग पर अरनास सलाल बकल की तरफ जाते समय खड़ी चढ़ाई है, वहीं आते समय काफी ढलान है। ढलान से उतरते समय पहले भी हादसे हो चुके हैं। कुछ दिन पहले एक डंपर भी ढलान से उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। स्थानीय लोग कई बार भारी व बड़े यात्री वाहनों को कॉलोनी के अंदर से आने जाने की अनुमति देने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को हादसे के बाद कांग्रेस के प्रदेश सचिव करन दीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे पर कड़ा दुख जताते हुए इसके लिए प्रशासन और सलाल प्रोजेक्ट को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर मार्ग को बड़े व यात्री वाहनों के लिए नहीं बदला गया तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
दुर्घटना में घायल लोगों में प्रदीप कुमार, बल्लो देवी, पुष्पा देवी, सैलजा बेगम, बिंदु देवी, प्रीति डोगरा, आरुणि, मोहम्मद रशीद, हाजी शफी, अल्ताफ मोहम्मद, जगदीश, जुनैद, गुलजार, मोहम्मद अफकल, केवल सिंह, अजय कुमार, रशपाल, सुषमा देवी, शीलो देवी, राकेश, साक्षी, यशपाल सिंह शामिल हैं। सभी घायल तहसील भमाग के ग्रामीण क्षेत्र सरमेघा, कोठरू, बकल, कांसर के अलावा सलाल के रहने वाले हैं।