रियासी। कटड़ा मार्ग पर स्थित अंजी खड्ड में किए जा रहे खनन का असर प्राकृतिक सुला पार्क में दिखने लगा है। पार्क के भीतर बने पानी के प्राकृतिक जल स्त्रोत में पानी कम होने लगा है। जलाश्यों में पानी की कमी होने के बाद उसका रंग भी काला हो रहा है। रविवार सुबह कुछ मछलियां भी पानी में मरी दिखीं, जिन्हें बाद में स्थानीय लोगों ने निकाल कर मिट्टी में दबाया। पानी की स्थिति को देखते हुए उसमें नहाने से भी परहेज किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अगर प्राकृतिक पानी की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो वह समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि कटड़ा मार्ग पर स्थित बने पार्क में स्थानीय लोगों के अलावा श्री माता वैष्णो देवी व शिवखोड़ी धाम आने जाने वाले यात्री भी थोड़ी देर रुकते हैं।
सोमवार को स्थानीय लोग तहसीलदार व जिला खनन अधिकारी से भी मिलेंगे व समस्या बारे बताएंगे।
कोट
सुला पार्क में पानी नहीं आने की मुख्य वजह अंजी में किए जाने वाला खनन है। अंजी में कई फुट गड्ढे खोदे गए हैं। अंजी का पानी ही जमीन के नीचे से होकर सुला तक आता है, जिसके कारण ही पानी काफी ठंडा होता है। गर्मियों में लोग ठंडे पानी में स्नान कर गर्मी दूर भगाते हैं, पिकनिक मनाने लोग आते हैं। रविवार सुबह उन्होंने पानी को सुला की तरफ मोड़ा है।
-रवि शर्मा, स्थानीय निवासी।
सुला के प्राकृतिक जलस्त्रोत में पानी का रंग काला हो गया है। मछलियां भी मरी दिखीं। पानी को साफ करने के प्रयास हो रहे हैं। संबंधित विभाग को भी चाहिए कि वह पार्क व इसमें बने जलस्तोत्र को ठीक करने का काम करवाए। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाली गर्मियों में लोग यहां नहीं आएंगे।
-मनोहर लाल शर्मा, स्थानीय निवासी।
गर्मियों में जब भी वह रियासी आते हैं तो ज्यादा दिन सुला में बिताते हैं। मुख्य सड़क मार्ग पर व शहर के पास यह काफी सुकून वाली जगह है अगर यहां पर पानी के जलस्रोत समाप्त हो जाते हैं तो पार्क का अस्तित्व भी समाप्त होने के कगार पर आ जाएगा। इसकी तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
-विशाल साहनी, निवासी राजोरी।