उधमपुर। देविकानगरी को सीसीटीवी की निगरानी में लाने के लिए सांसद निधि से मिले 10 लाख रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं। प्रोजेक्ट पर नगर परिषद काम नहीं कर पाई, जिसके चलते यह राशि सांसद निधि के माध्यम से कहीं और खर्च हो गई है। ऐसे में उधमपुर शहर को सीसीटीवी का निगरानी तंत्र मिलने में खासा वक्त लग सकता है।
शहर में चोरी की घटनाओं से परेशान व्यापार मंडल उधमपुर ने 2019 में राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह के सामने समस्या रखी थी। सांसद ने सितंबर 2019 में शहर में करीब 60 सीसीटीवी लगाने के लिए दस लाख रुपये मंजूर किए थे। सितंबर में ही चीफ प्लानिंग अफसर जम्मू ने एक पत्र डीसी उधमपुर को भी जारी किया था। इस पत्र की कॉपी व्यापार मंडल के शिष्टमंडल ने डीसी को सौंपी। पत्र मिलने के बाद डीसी ने सीसीटीवी लगाने की जिम्मेदारी नगर परिषद को दी। नगर परिषद ने सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया को शुरू किया, लेकिन इसकी तैयारी केवल बैठकों व कमेटी का गठन होने तक ही सीमित रह गई। मंजूर की गई राशि खर्च नहीं हुई तो सांसद शमशेर सिंह ने इस राशि को अन्य विकास कार्यों पर खर्च कर दिया।
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सीसीटीवी लगाने को बनी थी कमेटी
शहर के अंदर सीसीटीवी लगाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया था। कमेटी में सीईओ नगर परिषद, डीएसपी हेडक्वार्टर, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सहित कुल पांच अधिकारी रखे गए थे। इन लोगों ने सीसीटीवी के लिए स्थान का चयन किया, लेकिन इससे आगे कोई काम नहीं हो सका।
शहर के सार्वजनिक स्थलों पर लगने थे 60 सीसीटीवी
दस लाख रुपये में शहर के एमएच चौक, मेटाडोर स्टैंड, बस अड्डा, गोल मार्केट, इंदिरा चौक, लाल चौक, मुखर्जी बाजार, रामनगर चौक, सैला तालाब व शहर के ज्यादातर सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे। इनके लगने के बाद चोर भी इसकी नजर से नहीं बच सकते। इससे शहर की सुरक्षा को मजबूत करने में पुलिस को मदद मिलनी थी। सीसीटीवी का कंट्रोल रूप पुलिस के नियंत्रण में रहना था।
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सीसीटीवी के जरिए शहर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष तौर पर प्रयास किए थे, लेकिन नगर परिषद सीसीटीवी लगाने में विफल रहा। कई बार नगर परिषद अधिकारियों के साथ संपर्क किया। अगर सीसीटीवी लगा दिए जाते तो आज शहर की स्थिति कुछ और होती।
जितेंद्र वरमानी, व्यापार मंडल प्रधान उधमपुर
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दस लाख रुपये में पूरे शहर में सीसीटीवी लगाना किसी तरह से भी संभव नहीं था। इसको लेकर प्रयास किए गए थे। व्यापार मंडल केबल नेटवर्क की केबल इस्तेमाल कर सीसीटीवी लगाने की बात कर रहा था, जोकि संभव नहीं था।
डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद चेयरमैन