गैर सरकारी संगठन मिशन शांति और करुणा ने कराई अंतर धार्मिक शांति बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। गैर सरकारी संगठन मिशन शांति और करुणा की तरफ से शनिवार को शहर के लिटिल फ्लावर काॅन्वेंट हाई स्कूल में अंतर धार्मिक शांति बैठक (इंटर रिलीजियस पीस मीट) का आयोजन किया गया। इसमें सभी धर्मगुरुओं ने अध्यात्म को ही शांति का एकमात्र उपाय बताया।
इसाई समुदाय के धर्मगुरु यशु दीप संधू की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्माें के धर्मगुरुओं ने समाज में शांति की स्थिरता के उपायों पर विचार-विमर्श किया। यशु दीप ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शांति के लिए मानवता विषय पर आधारित था। इसमें मानवता की रक्षा के लिए शांति को बरकरार रखने का आह्वान किया गया।
उन्होंने कहा कि जीवन में अध्यात्म को जागृत करने तक शांति का आगमन नहीं हो सकता। खासकर मानव को धर्म के नजरिए से देखने तक हम समाज में शांति कायम नहीं कर सकते। केवल धर्म और धार्मिक पुस्तकें, पूज्य ग्रंथ और अनुशासन पर चलना ही शांति को प्राप्त करने का एकमात्र उपाय है।
धर्मगुरुओं ने युवाओं से केवल सांसारिक मोह, माया के पीछे भागने के बजाय अपने जीवन को धर्मग्रंथों से भरने का आह्वान किया ताकि एक-दूसरे के साथ शांतिमय तरीके से रहकर एक-दूसरे को समझ सकें।
उन्होंने कहा कि धर्म और अध्यात्म के रास्ते पर चलने के विपरीत लोग नशाखोरी की तरफ बढ़ रहे हैं। इस कारण वह कई प्रकार की अपेक्षाएं और उपेक्षाओं के कारण परेशान होते हैं जबकि उन परिस्थितियों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रहता जबकि अपने धर्म ग्रंथों को पढ़ने, उनके वचन अनुसार अध्यात्म के मार्ग पर चलने और ध्यान करने से ही परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस समारोह में मुख्य रूप से सिख धर्म से सुरजीत सिंह, ब्रह्माकुमारी सेवा आश्रम से बीके मीना कुमारी, राधास्वामी सत्संग से ओम राज, मुस्लिम समाज के मौलाना और जाॅन विल्सन समेत अन्य धर्मगुरु शामिल थे।