उधमपुर: वार्ड नंबर 12 में बंदरों द्वारा जंप लगा कर तोड़ी गई टीन की छत तथा बेड पर पड़ी ईटें.
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उधमपुर। देविकानगरी में बंदरों का आतंक अब जानलेवा साबित होने लगा है। बुधवार को चबूतरा इलाके में भी सिहरा कर रख देने वाली घटना सामने आई। यहां बंदरों ने एक दो मंजिला मकान की कमजोर हो चुकी दीवार को तोड़ डाला, जिसकी ईंटें साथ के एक घर की टिन की छत को तोड़ते हुए नीचे गिरने लगीं, जहां एक बच्चा सो रहा था। अपने लाल की जान खतरे में देख दूसरे कमरे में मौजूद मां ने दौड़कर उसे खुद से ढक लिया। इस दौरान उसके ऊपर दीवार का मलबा गिरता रहा। उसे चोटें आईं। हालांकि बच्चे को बचा लिया।
जानकारी के अनुसार चबूतरा बाजार इलाके में कुलदीप सिंह के टिन की छत वाले घर में बच्चा सो रहा था। कमरे के दूसरे हिस्से में बच्चे की मांग ऑनलाइन शिक्षा हासिल कर रही थी। इसी दौरान कुछ बंदर मकान के साथ लगे दो मंजिला इमारत की छत पर पहुंचे और दीवार को हिलाने लगे। दीवार कमजोर थी, जिससे एक-एक कर ईंटें टिन की छत वाले घर पर गिरने लगीं।
बच्चे को खतरा मंडराता देख उसकी मां दौड़कर पास पहुंची और उसे खुद से ढक लिया। इसी बीच बंदरों ने दीवार का बड़ा हिस्सा छत पर गिरा दिया। फिर पत्थर व ईंटें टिन की छत को तोड़कर नीचे गिरने लगे। कई ईंटें व पत्थर महिला पर गिरे। इससे वह घायल हो गई। लेकिन अपने लाल को बचा लिया। आसपास के लोगों को जब पता चला, तो वह दौड़कर मौके पर पहुंचे। हालांकि तब तक बंदर भाग गए थे।
कुलदीप सिंह ने कहा कि बंदरों से पूरा मोहल्ला परेशान है। बंदर बच्चों पर हमला कर देते हैं। कई बार तो बड़ों को भी घायल कर देते हैं। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अगर प्रशासन ने बंदरों को शहर से बाहर निकालने का कोई इंतजाम नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह पूरे शहर के लिए परेशानी का सबब बन जाएंगे।
मोहल्ले के लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए। बुधवार को बड़ा हादसा होने से टल गया।