श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर उधमपुर के बीचोबीच दोपहर के समय अचानक हंगामा हो गया। हाउसिंग बोर्ड की टीम दल-बल के साथ क्षेत्र की दुकान के ऊपर हो रहे अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए पहुंची और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
काफी देर तक क्षेत्र में हंगामा चलता रहा। कई व्यापारी मौके पर पहुंचे। कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावनाओं और दुकान के मालिक के आश्वासन के बाद तोड़फोड़ का काम आधा छोड़ दिया गया।
मालिक हलफनामे पर लिखकर देगा कि वह स्वयं इस निर्माण को तोड़ देगा। दोपहर दो बजे के करीब हाउसिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक एसए रैना के आदेश पर एक टीम हाईवे पर स्थिन दुकान पर पहुंची।
दुकान के पीछे से गली के रास्ते सीढ़ियों से छत पर टीम जा चढ़ी। छत पर एक छोटा-सा कमरा बनाया गया था। उसकी दीवारें चढ़ी हुई थी और लेंटर भी डाला हुआ था। इसे तोड़ना शुरू कर दिया।
इसी बीच, दुकान का मालिक प्रदीप गुप्ता भी मौके पर पहुंच गया। हाउसिंग बोर्ड के उधमपुर में मौजूद नायब तहसीलदार सतपाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की सारी दुकानें हाउसिंग कालोनी के अंतर्गत आती है। इनका किराया लिया जाता है।
किसी भी निर्माण के लिए बोर्ड की औपचारिक तरीके से अनुमति ली जाती है। फील्ड स्टाफ ने रिपोर्ट दी थी कि दुकान के ऊपर अवैध निर्माण चल रहा है।
रिपोर्ट जम्मू में प्रबंध निदेशालय में पहुंचने के बाद उन्हें आदेश दिया गया कि अवैध निर्माण को तोड़ा जाए। पुलिस सुरक्षा और बोर्ड के कलेक्टर के साथ इस निर्माण को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया।
इस मामले में कोई भी फैसला प्रबंध निदेशक ही कर सकते हैं। उन्हें सीधे आदेश दिया गया है कि वह अवैध निर्माण तोड़ने के निर्देश का पालन करें। पुलिस की एक टुकड़ी के साथ एसएचओ उधमपुर अर्जुन चिब भी मौके पर पहुंच गए।
आवेदन दिया जा चुका है
दुकान के मालिक प्रदीप गुप्ता व अन्य दुकानदारों ने बताया कि दुकान की छत से पानी टपकता है। उनकी सीट कवर और कार सजाने के सामान की दुकान है। अंदर रखा सामान खराब हो जाता है। छत की मरम्मत और लैंटर डालने के लिए हाउसिंग बोर्ड को कई आवेदन दिए गए। कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके कारण उन्होंने स्वयं लेंटर डाला है। अब उन्हें बिना कोई नोटिस दिए बोर्ड की टीम निर्माण तोड़ने पहुंची है। अब इस निर्माण को लेकर व्यापार मंडल व चैंबर के साथ मिलकर हल निकालेंगे।