करीब पांच पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने वीरवार को नेशनल हाईवे को बंद कर तवी नदी पर पुल का काम जल्द पूरा करने की मांग उठाई। करीब एक घंटे तक हाईवे को बंद कर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई साल से पुल का काम अधर में है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें आती हैं। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो लोग फिर हाईवे पर उतर आएंगे।
वीरवार को पंचायत सयुना, चढ़त, टंडार, सत्यालता, नरसू की महिलाएं, बच्चे और पुरुष हाईवे पर उतर आए। सुबह करीब 11 बजे समरोली के पास हाईवे को बंद कर दिया। ग्रामीणों ने संबधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि पिछले छह साल से पुल का काम पूरा नहीं हो सका है।
पंचायत सयुना की सरपंच बीडी सृष्टा, सत्यालता के सरपंच बलदेव सिंह व नरसू के सरपंच अशोक कुमार के नेतृत्व में लोगों ने हाईवे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गांव में राशन की सप्लाई बंद हो गई है, जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें पेश आती हैं। लोगों को मजबूरन तवी पार करनी पड़ती है, जिस कारण कई लोग अपनी जान भी गवां चुके हैं।
गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी घंटों पैदल सफर कर हाईवे पर पहुंचाना पड़ता है, जिससे दिक्कतें दोगुनी बढ़ जाती हैं। उन्होंने हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान पुल का काम शुरू करने पर जोर दिया। मौके पर मौजूद चिनैनी थाना प्रभारी महेश शर्मा ने डीसी से फोन पर बात कर लोगों को आश्वासन दिया कि दो सप्ताह तक पुल का कार्य आरंभ हो जाएगा।
जाम लगने से यात्री हुए परेशान
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जाम की लाइनें समरोली से धरमथल तक पहुंच गई थी, जिससे जाम में फंसे यात्री घंटों तक परेशान रहे। एक और गर्मी चरम पर थी, ऊपर से जाम से लोग घंटों तक बेहाल रहे। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पत्नीटाप और दूसरे स्थलों की ओर जा रहे यात्री भी जाम में रहे। जबकि एंबुलेंस भी जाम में फंसे रहने से मरीज परेशान रहे। प्रदर्शनकारियों के हाईवे से हटने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
टंडार फोर-वे सड़क को भी खोले प्रशासन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टंडार से फोर-वे सड़क को भी जल्द खोला जाए। हाईवे का वैकल्पिक मार्ग कहे जाने वाले इस मार्ग पर काफी समय से करकूल के पास पस्सी गिरने से मार्ग बंद है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही ठप है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग को खोल दिया जाए तो आपात स्थिति में इसे हाईवे के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।