उधमपुर। तहसील पंचैरी व मौंगरी में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए लद्दा ए व लद्दा बी में सब सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन 10 साल बीत जाने के बाद भी इन दोनों सेंटरों में स्टाफ की कमी है।
इसका खामियाजा दोनों क्षेत्रों में रहने वाले 10 हजार के करीब लोगों को उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 2014 में दोनों क्षेत्रों में सब सेंटर बनाए गए थे। हालांकि इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों व डीडीसी पंचैरी व मौंगरी कई बार इस समस्या को लेकर आवाज उठा चुके हैं लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। मौजूदा समय में इन दोनों सब सेंटरों में करीब 50 प्रतिशत स्टाफ की कमी है। इसके चलते लोगों को मजबूरन पीएचसी पंचैरी में आकर अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा न होने के चलते ज्यादातर लोग जीएमसी उधमपुर आकर अपना इलाज करवा रहे हैं। हालांकि इन सब सेंटरों में स्टाफ की कमी को लेकर कई बार विभिन्न पार्टी के नेताओं को भी स्थानीय लोगों की ओर से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन आज तक सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। वहीं स्थानीय लोगों में कुलदीप सिंह, रमेश कुमार, गौरी शंकर, राकेश सिंह, जय प्रसाद, प्रवीण कुमार, यशपाल सहित अन्य का कहना था कि जब से ये सब सेंटर बने हैं, तब से लेकर आज तक इनमें स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया जा सका है। इसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को 70 किलोमीटर दूर जीएमसी उधमपुर में जाकर अपना इलाज करवाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इन सब सेंटरों में किसी भी डाॅक्टर को तैनात नहीं किया गया है। इसके चलते अब क्षेत्र के लोग इन सेंटरों में इलाज करवाने के बजाय पीएचसी पंचैरी या फिर जीएमसी उधमपुर जा रहे हैं। इन सेंटरों में पैरामेडिकल स्टाफ व फार्मासिस्ट तक की कमी है तो ऐसे में इन सेंटरों में लोग अपना इलाज कैसे करवा सकते हैं। उन्होंने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से जल्द से जल्द इन दोनों सब सेंटरों में स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग की है।
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दोनों सब सेंटरों में स्टाफ की कमी को लेकर अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है लेकिन सब सेंटरों में स्टाफ को तैनात करना सरकार के हाथों में होता है। एक बार फिर से वह अपने विभाग के अधिकारियों को सेंटरों में आ रही स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए कहेंगे ताकि सेंटरों में स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
-डॉ. शफाकत जरगन बीएमओ पंचैरी