संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा । मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर वीरवार को एक श्रद्धालु ने घोड़ा चालक को ही चूना लगा दिया। श्रद्धालु ने यात्रा करने के उपरांत घोड़ा चालक को बनता मेहनताना नहीं दिया। यही नहीं, वह उसका वैध पहचान पत्र लेकर रफूचक्कर हो गया। घोड़ा चालक ने कटड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।
घोड़ा चालक अब्दुल रशीद वानी निवासी वार्ड नंबर चार, गांव बठोई, तहसील माहौर, जिला रियासी ने बताया कि वह बीते दो दशकों से भी अधिक समय से मां वैष्णो देवी मार्ग पर घोड़ा चालक की सेवाएं दे रहा है। बीते वीरवार सुबह वह बाणगंगा क्षेत्र में मौजूद था। तभी एक श्रद्धालु कुंदन सिंह निवासी महाराष्ट्र उसके पास आया और भवन तक जाने के लिए कहा। घोड़ा आदि बुक करने को लेकर प्रीपेड काउंटर पर शुल्क अदा करना पड़ता है। श्रद्धालु कुंदन ने कहा कि उसके पास नकद पैसे नहीं हैं, इस पर उसने अपनी जेब से पैसे अदा कर पर्ची ली और श्रद्धालुओं को घोड़े पर बिठा लिया।
यात्रा के दौरान सेवाएं लेने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए मजदूर का वैध पहचान पत्र गले में पहनना जरूरी है। इस पर घोड़ा चालक ने अपना पहचान पत्र श्रद्धालु के गले में डाल दिया और भवन की ओर रवाना हो गया। भवन के दर्शन करने के बाद भैरो घाटी से होते हुए घोड़ा चालक श्रद्धालु को लेकर वीरवार रात करीब 8:30 बजे बाणगंगा क्षेत्र में प्रवेश द्वार दर्शनी ड्योढ़ी पर पहुंचा।
पूरे सफर में किराये के तौर पर घोड़ा चालक ने अपनी जेब से 2,900 रुपये खर्च किए। श्रद्धालु कुंदन ने होटल में फोन कर गाड़ी मंगवा ली और घोड़ा चालक से कहा कि वह घोड़ा निर्धारित स्टैंड पर खड़ा कर उसके पास आ जाए ताकि होटल से पैसे लाकर उसको दिए जा सकें। जब घोड़ा चालक वापस पहुंचे तो श्रद्धालु रफूचक्कर हो चुका था। घोड़ा चालक का वैध पहचान पत्र भी वह अपने साथ ले गया। फोन करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया। उसने थाना कटड़ा में शिकायत दर्ज करवाई।