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Udhampur News: भगवान जगन्नाथ मंदिर में लगाया अर्धवार्षिक गोल मेला

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गोल मेला के दौरान झूलों का आनंद लेते बच्चे।
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- सैकड़ों लोगों ने टेका माथा, सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर भगवान जगन्नाथ मंदिर में शुक्रवार को अर्द्धवार्षिक गोल मेला का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों लोगों ने भगवान जगन्नाथ के समक्ष माथा टेका और मेले का आनंद लिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
सुबह करीब सात बजे से श्रद्धालुओं का भगवान जगन्नाथ के मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था। उन्होंने कतार में लगकर भगवान जगन्नाथ के मंदिर में माथा टेका और मंदिर में प्रसाद ग्रहण कर मेला स्थल पर पहुंचे। मेले में युवतियों व महिलाओं को शृंगार का सामान के स्टॉल पर व्यस्त देखा गया, तो बच्चे खिलौने खरीदने में व्यस्त रहे। मेले में बच्चों के लिए विभिन्न झूले लगे थे। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था।
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जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, मेले में लोगों की संख्या में भी बढ़ती गई। दोपहर तक मेला देखने के लिए लोगों की भीड़ रही। शाम करीब सात बजे मेला स्थल पर चलने के लिए भी स्थान नहीं था। भगवान जगन्नाथ मंदिर के पुजारी राज कुमार शर्मा ने बताया कि हर छह महीने के बाद मंदिर के मैदान में गोल मेला का आयोजन किया जाता है। आज से दिन छोटे होना शुरू हो जाएंगे। इस वर्ष का दूसरा मेला दिसंबर में आयोजित होगा।
क्या है मान्यता
उधमपुर के इस मंदिर में ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर की तरह ही भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियां स्थापित हैं। कहा जाता है कि यह मेला सदियों से यहां आयोजित किया जाता है। प्रचलित है कि वर्तमान पुजारी
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के कुल में एक वृद्धा भगवान जगन्नाथ की परम भक्त थी और हर साल ओडिशा में स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाती थी। लेकिन एक बार जब वह बीमार होने के कारण जगन्नाथ मंदिर पुरी में नहीं जा पाई तो उन्हें घर से ही भगवान जगन्नाथ की स्तुति की और नहीं जा पाने के कारण काफी दुखी हो गई। जिस पर भगवान ने उन्हें स्वप्न में कहा कि अब तुमको मंदिर में आने आवश्यकता नहीं हैं, मैं स्वयं तुम्हारे यहां आउंगा। तब उस वृद्ध महिला ने भगवान के स्वप्न में बताए नियमानुसार गोबर और मिट्टी से तीनों मूर्तियां तैयार कीं।
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