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तेज बारिश होते ही सतैनी में बने बाढ़ जैसे हालात

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उधमपुर। रविवार देर रात को तेज बारिश के दौरान सतैनी इलाके में एक बार फिर से बारिश का पानी लोगों के घरो के अंदर पहुंच गया। घरों के अंदर पानी को देख कर लोगों की नींद उड़ गई। बाहर निकलने पर लोगों को हर तरफ केवल पानी ही नजर आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि सतैनी इलाके में बाढ़ आ गई है। लोगों ने तुरंत इसको लेकर जिला प्रशासन के साथ संपर्क किया और प्रशासन ने पानी को निकालने के लिए पंप भेजे। लेकिन लोगों में प्रशासन और रेलवे के प्रति बहुत ज्यादा रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि 15 वर्ष से इस परेशानी को झेल रहे हैं और प्रशासन हर बार पंप भेज कर पल्ला झाड़ लेता है।
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रविवार रात को शहर व ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश हुई और सतैनी इलाके में रेलवे ट्रैक से सारा पानी लोगों के घरों के बाहर जमा हुआ और सुबह तक घरों के अंदर पहुंच गया। इसके बाद लोगों ने पहले अपना कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर रखा और फिर प्रशासन के साथ सपंर्क किया। प्रशासन ने कुछ पंप मौके पर भेज कर निकासी की व्यवस्था की जाने लगी। शाम के समय प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सोनु गुप्ता, पंकज गुप्ता व अन्य कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि करीब 15 वर्ष से सतैनी के लोग परेशानी झेलने को मजबूर हैं। रेलवे ट्रैक ऊंचाई पर है। मियां बाग से रठियान तक रेलवे ने ट्रैक के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की है। जब भी तेज बारिश होती है तो पानी मोहल्ले में पहुंचता है और फिर बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार पूरा मोहल्ला ही पानी में डूब जाता है। इस कारण लाखों का सामान खराब हो चुका है।
बरसात शुरू होने पर तो उनकी नींद उड़ जाती है। इस परेशानी को कई बार प्रशासन के अधिकारियों के सामने रखा है। जब पानी उनके घरों में पहुंचता है तो प्रशासन की तरफ से पानी को निकालने के लिए पंप भेज दिए जाते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। आज भी प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और आश्वासन देकर लौट गए हैं। लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है। उनकी मांग है कि इसका स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि बरसात में वह भी चैन की नींद सो सकें।
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