पिछले सप्ताह विभिन्न सरकारी के कार्यालयों में औचक निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद डीसी ने 80 कर्मचारियों से 84 हजार रुपये जुर्माना वसूला।
इन कर्मचारियों में से एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 79 को चेतावनी दी गई। जिस शिक्षक को सस्पेंड किया गया, वह ड्यूटी पर नहीं जाकर स्कूल के बाहर जलेबी बना रहा था।
डीसी डॉ. शाहिद इकबाल के अनुसार सभी कर्मचारियों से एक एक हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा रेडक्रास के लिए अनुदान भी लिया गया। जिसको सस्पेंड किया गया, उससे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इन गैरहाजिर कर्र्मचारियों और विभागाध्यक्ष से बैठक के बाद रिपोर्ट पर गौर किया। सिविल सर्विस रूल के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की गई। नोडल अधिकारी एडीसी अंग्रेज सिंह राणा ने इनकी रिपोर्ट तैयार की है।
अनुशासनात्मक कमेटी ने सभी को लिखित में चेतावनी दी और कहा आगे भी उनसे जुर्माना या अन्य अनुदान लिया जा सकता है। छापे के दौरान बिजली विभाग के डिवीजन एक और दो, डिप्टी रजिस्ट्रार कोआपरेटिव, पशु पालन विभाग, शिक्षा एवं नगर परिषद विभाग के कार्यालयों में छापे मारे गए।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्ष को आदेश दिया कि वह लगातार हाजिरी रजिस्टार चेक करें। गैरहाजिर गजटेड आफिसर से दो हजार और नान गजटेड अधिकारी से एक हजार रुपये जुर्माना वसूला जाए।