बीते साल सितंबर में बारिश और भूस्खलन से मलबे में दबी 14 साल की राधा मरकर भी आठवीं कक्षा पास हो गई। राधा के नाम का डेथ सर्टिफिकेट तक जारी हो गया था, लेकिन नवंबर 2014 की आठवीं की परीक्षा में उसे पास घोषित कर दिया गया।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की लापरवाही के कारण राधा देवी पुत्री गिरधारी लाल के नाम का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। विंटर जोन की परीक्षाएं नहीं हुईं और सरकार ने मिडिल स्कूल के सभी विद्यार्थियों को बगैर किसी परीक्षा के अगली क्लास में प्रमोट कर दिया। इसी क्रम में मिडिल स्कूल सद्दल के सभी बच्चों को भी पास कर दिया गया।
अंक तालिका में राधा को 250 में से 160 नंबर दिए गए हैं। सभी सब्जेक्ट में उसे पास किया गया है। स्कूल प्रबंधन ने इस बारे में जानकारी तक नहीं ली कि राधा की सितंबर में ही मौत हो गई थी। राधा का पूरा परिवार भूस्खलन में दब गया था और कुछ दिन बाद ही उनके शव भी बरामद कर लिए गए थे।
अमर उजाला को मिले दस्तावेजों के अनुसार राधा देवी का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। पंचैरी के जोनल शिक्षा अधिकारी और सद्दल मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मामले में सीईओ उधमपुर बलबीर सिंह ने किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। गौरतलब है सद्दल में भूस्खलन के कारण 40 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर तक 35 शव बरामद कर लिए गए थे, जिसमें राधा देवी का शव भी शामिल था। विंटर जोन में अक्तूबर-नवंबर में परीक्षाएं होती हैं। इसके बाद करीब तीन महीने तक छुट्टियां होती हैं।